मुखिया बनने की इतनी हड़बड़ी कि रातों-रात कर ली शादी…पद के लिए बेताब युवक की गजब कहानी

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गया: 24 सितंबर से बिहार में पंचायत चुनाव की शुरुआत हो रही है, लेकिन पंचायत चुनाव से पहले ही बिहार में उसके अलग अलग रंग देखने को मिल रहे हैं. पंचायत चुनाव में मुखिया बनने की बेताबी की ऐसी ही कहानी बिहार के गया जिले से है. घर का ही मुखिया हो इसके लिए गया के एक युवक ने बिना मुहूर्त देखे ही अपनी शादी कर ली. ना सिर्फ शादी बल्कि अपनी नई नवेली दुल्हन का पंचायत चुनाव के लिए नामांकन भी करा दिया. शादी के दौरान युवक ने पत्नी को ये वचन भी दिया वो उसे चुनाव में जीत दिलाएगा. पूरा मामला गया के खिजरसराय प्रखंड के होरमा पंचायत के बिंददौर गांव का है. प्रदीप कुमार उर्फ राहुल कुमार पंचायत चुनाव में मुखिया बनना चाहता था. मुखिया बनने के लिए राहुल ने पूरी तैयारी भी कर ली थी. राहुल ने बताया कि नामांकन के दौरान उसे पता चला कि जाति प्रमाण पत्र की जरूरत है, इसके बिना वो चुनाव नहीं लड़ पाएगा. उसने अपना नामांकण भरा भी, लेकिन जाति प्रमाण पत्र नहीं होने की वजह से उसका पर्चा खारिज हो गया.

इसके बाद राहुल ने अपने लिए दुल्हन देखना शुरू किया. नौडीहा गांव की एक लड़की सरिता कुमार के पास जाति प्रमाण पत्र थे, इस लिए उससे आनन फानन में शादी कर ली. राहुल ने दांगी समाज की सरिता कुमारी से बिना बिना लगन और बैंड बाजा के ही सूर्य मंदिर में शादी कर ली. शादी के वक्त दोनों तरफ के लोग मौजूद थे. दुल्हन के पास जाति प्रमाणपत्र है, इससे राहुल खुश था कि उसकी पत्नी पंचायत का चुनाव लड़ सकती है. शादी के बाद राहुल ने अपनी नई नवेली पत्नी का मुखिया चुनाव के लिए नामांकन भी करवाया है. राहुल चुनाव लड़ने की तैयारी को लेकर काफी दिनों से गांव में घूम-घूम कर जनसंपर्क कर रहा था. लेकिन अचानक अपने जाति प्रमाण पत्र नहीं बन पाने की खबर सुनकर वह परेशान हो गया. राहुल को हर हाल में चुनाव लड़ना ही था. अब वो नहीं तो उसकी जगह उसकी पत्नी चुनाव लड़ेगी…इस खबर की आसपास के इलाके में जोरों से चर्चा है.

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