लालू यादव को फिर जाना पड़ सकता है जेल… जानें क्यों?

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राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले में जल्द फैसला आने की संभावना है। सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत में अभियोजन की ओर से जारी बहस शनिवार को पूरी हो गयी। अब बचाव पक्ष की ओर से बहस नौ अगस्त से शुरू होगी ।बचाव पक्ष की बहस पूरी होते ही मामला फैसले पर चला जाएगा। अगर मामले का फैसला लालू के खिलाफ आता है तो उन्‍हें फिर से जेल जाना पड़ सकता है।

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एसके शशि की अदालत ने सुनवाई की अगली तारीख नौ अगस्त निर्धारित की है। सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने 575 गवाह के बयान के आधार बहस पूरी की़ बचाव पक्ष 27 आरोपियों की गवाही के आधार पर बहस करेगा। इसमें फिजिकल कोर्ट के 12 दिन शामिल हैं। हाईकोर्ट ने छह महीने में मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया है। बता दें ये मामला डोरंडा कोषागार से 1990 से 1995 के बीच 139.35 करोड़ के अवैध निकासी से जुड़ा हुआ है। इस मामले में लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, डॉ. आरके राणा समेत 110 आरोपी ट्रायल फेस कर रहे हैं। चारा घोटाले के 53 मामलों में से 51 में फैसला आ चुका है। यह लालू प्रसाद से जुड़ा पांचवां और आखिरी मामला है। शुरुआत में 170 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गयी है। पहली चार्जशीट आठ मई 2001 को 102 आरोपियों को और सात जून 2003 को पूरक चार्जशीट में 68 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई थी। सितंबर 2005 में आरोप तय किया गया था। सीबीआई ने 11 मार्च 1996 को प्राथमिकी दर्ज की थी। मामले के सात आरोपी सरकारी गवाह बनाये गये, दो आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया। पांच आरोपी फरार चल रहे हैं।

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