भारत में पहले आदमी को लगी रूस की स्पूतनिक वी वैक्सीन, जानिए वैक्सीन की क्षमता और दाम

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शुक्रवार को भारत में पहली बार स्पूतनिक वैक्सीन लगाई गई। भारत में पहले व्यक्ति दीपक सपरा को हैदराबाद में ये वैक्सीन दी गई। दीपक सपरा डॉ रेड्डीज लैब में कस्टम फार्मा सर्विसेज के ग्लोनबल हेड हैं। रूस की स्पूतनिक वैक्सीन को भारत में डॉ रेड्डीज लैब बना रही है। उम्मीद की जा रही है कि अगले सप्ताह से ये वैक्सीन लोगों को लगनी शुरू हो जाएगी। भारत में पहले दो वैक्सीन- कोविशिल्ड और कोवैक्सीन लग रही थी। कोविशिल्ड ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन है जिसे भारत का सीरम इंस्टीट्यूट बना रहा है। जबकि कोवैक्सीन भारत की देसी वैक्सीन है जिसे हैदरबाद का भारत बायोटेक बना रहा है।

जानिए स्पूतनिक वी वैक्सीन की खास बात

* कोरोना के खिलाफ स्पूतनिक वैक्सीन 91.6% तक कारगर है।

* स्पूतनिक की दो वैक्सीन 21 दिन के अंतराल पर लगेगी। एक व्यक्ति को एक डोज 0.5 ml की लगेगी।

* वैक्सीन के दोनों डोज में अलग अलग पदार्थ हैं। पहले डोज से दूसरे डोज को बदला नहीं जा सकता है।

* भारत में वैक्सीन की एक डोज 995.40 रुपए में मिलेगी। इसमें 5% जीएसटी शामिल है।

* 1 मई को रूस से स्पूतनिक वैक्सीन की पहली खेप भारत में आई थी।

* रूस से भारत को अभी 1 लाख 50 हजार स्पूतनिक वैक्सीन मिले है।

* भारत को उम्मीद है कि रूस से भाररत को स्पूतनिक वैक्सीन की 15.6 करोड़ डोज मिलेगी। * दुनिका के करीब 60 देशों ने इस वैक्सीन के आपतकालिन इस्तेमाल की मंजूरी दी है।

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