CBI के नये डायेक्टर सुबोध कुमार जायसवाल; कितना जानते हैं इन्हें ? 23 साल में IPS क्लीयर, झारखंड से कई रिश्ते…

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देश की सबसे बड़ी खुफिया एजेंसी के निदेशक बनाए गए हैं सुबोध कुमार जायसवाल। 58 साल के सुबोध कुमार जायसवाल का करियर 36 साल का है। इनकी गिनती तेज तर्रार अफसरों में होती है। 23 साल की उम्र में वो IPS अधिकारी बन गए थे। CBI निदेशक बनने से पहले तक वो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के चीफ थे।

सुबोध कुमार जायसवाल का जीवन परिचय

CBI के नये निदेश सुबोध कुमार का जन्म झारखंड के धनबाद जिले के सिंदरी में 22 सितंबर 1962 में हुआ था। तब झारखंड, बिहार का हिस्सा हुआ करता था। वो अपने परिवार के साथ सिंदरी रोड पाथरडीह में रहते थे। यहीं पर उन्होंने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई भी की। सुबोध कुमार जायसवाल के पिता शिवशंकर जायसवाल धनबाद के जाने माने कारोबारी थे। धनबाद के सिंदरी में उनके पिता का अपना व्यापार था। उनके पिता लंबे वक्त तक सिंदरी रोटरी क्लब के अध्यक्ष रहे। उनके एक भाई मनोज जायसवाल चेन्नई में प्रोफेसर हैं। दूसरे भाई का नाम प्रिंस जायसवाल है, जो विदेश में रहते हैं। सुबोध कुमार जायसवाल की शादी झारखंड के जाने-माने कारोबारी शिव प्रसाद साहू के परिवार में हुई है।

सुबोध कुमार जायसवाल की शिक्षा

1978 में उन्होंने धनबाद के डिनोबली डिगवाडीह से बोर्ड की परीक्षा पास की थी। उन्होंने कला से स्नातक किया है। इसके बाद उन्होंने MBA किया। वो पढ़ने लिखने में बचपन से होशियार माने जाते थे। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने 23 साल की उम्र में UPSC की परीक्षा पास कर ली थी। इसके बाद उनका चयन IPS अधिकारी के रूप में हुआ। 12वीं के बाद उन्होंने 3 बार तीन बार नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) की भी परीक्षा दी, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली।

सुबोध कुमार का करियर

तेज तर्रार IPS अधिकारियों में गिने जाने वाले सुबोध कुमार जायसवाल 1985 बेच के IPS अधिकारी हैं। उनके बारे में कहा जाता है कि वो जासूसी में माहिर हैं। इसी वजह से उन्होंने रॉ (RAW) में खास जिम्मेदारी भी सौंपी गई। देश से बाहर रहते हुए उन्होंने RAW के लिए कई सफल ऑपरेशन भी किए। सुबोध कुमार जायसवाल महाराष्ट्र के पुलिस महानिदेश ( DGP) भी रह चुके हैं। बीजेपी की देवेंद्र फडणवीस सरकार में जून 2018 में उन्हें मुंबई पुलिस आयुक्त बनाया गया था। बाद में महाराष्ट्र डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने तेलगी स्कैम और 2006 में मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस की भी जांच की। अभी तक वो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के निदेशक थे। अब उन्हें सीबीआई प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। सबसे ज्यादा उन्होंने RAW के लिए काम किया है। CBI में ये उनका पहला अनुभव होगा।

सुबोध कुमार को सम्मान

2019 में उन्हें राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया था।

कैसे CBI निदेश बने सुबोध कुमार जायसवाल ?

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में CBI निदेशक के चयन के लिए बैठक हुई थी। उच्चस्तरीय समिति की बैठक में पीएम मोदी के अलावा कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस एनवी रमन्ना भी शामिल हुए।

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