झारखंड में यूके स्ट्रेन के 41 केस… तीसरी लहर की आशंका … केंद्र से मांगी जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन

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झारखंड में कोरोना के अबतक चार वेरिएंट मिल चुके हैं। यहां कोरोना के यूके स्ट्रेन (बी.1.1.7) के अलावा डबल म्यूटेंट (बी.1.617 वेरिएंट) के भी तीन अलग-अलग रूप मिले हैं। बताया जा रहा है कि राज्य में यूके स्ट्रेन के 41 मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य सचिव का कहना है कि भुवनेश्वर के रीजनल जीनोम सिक्वेंसिंग लेबोरेट्री के जांच में इसकी पुष्टि हुई है। राज्य सरकार ने कोरोना के स्वरूप जानने के लिए आरटी-पीसीआर जांच में पॉजिटिव पाए गए 276 सैंपल जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजे थे। जांच में बी-1-617 म्यूटेंट भी पाए गए हैं। ये यूके स्ट्रेन रांची और पूर्वी सिंहभूम में मिले हैं।

बताया जा रहा है कि अचानक झारखंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़ने के पीछे यूके स्ट्रेन है। गांवों में भी कोरोना फैलने के लिए पीछे यह कारण हो सकता है। इसकी रोकथाम के लिए जीनोम सिक्वेंसिंग जरूरी है, क्योंकि कोरोना के स्वरूप का पता लगाने के लिए दूसरे राज्यों की प्रयोगशालाओं पर निर्भर रहना पड़ता है। राज्य सरकार ने तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए केंद्र सरकार से जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए मशीन मांगी है। इसे लेकर आईसीएमआर को पत्र भी भेजा गया है। इसमें जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन के साथ-साथ आरटी-पीसीआर वर्किंग स्टेशन, मोबाइल टेस्टिंग लैब की भी मांग की गई है। बता दें कि राज्य में गुरुवार को जहां 4991 नए मामले मिले, वहीं 6882 मरीजों ने कोरोना को मात दी। सर्वाधिक 932 नए संक्रमित पलामू में मिले हैं। वहीं रांची में 40 समेत राज्य के विभिन्न जिलों में 108 लोगों की मौत कोरोना से हुई। रिकवर होने वालों में रांची के 1765, पूर्वी सिंहभूम के 923, बोकारो के 667 लोग हैं।

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