Web series से ली थी ठगी की प्रेरणा… cyber ठग गिरोह के 5 लोग लगे पुलिस के हाथ…

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रांची: लगभग साल भर पहले सॉल्टलेक निवासी एक पूर्व आइएएस अधिकारी से ठगी कर चुके साइबरठगों को आखिरकार police ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ ही लिया. इन ठगों को पुलिस ने कोलकाता के अलग-अलग इलाकों से पकड़ा है. बिहार व झारखंड के वांटेड साइबर ठग (Cyber Thug) गिरोह के पांच ठगों को विधाननगर साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया.

आरोपियों के पास से पुलिस ने 19 एटीएम कार्ड, चार पैन कार्ड, छह अतिरिक्त सिम, चार मोबाइल फोन, एक राउटर, बैंक के कई पासबुक, चेकबुक और आधार कार्ड जब्त किये हैं. उनके नाम मनीष कुमार झा (25), कार्तिक कुमार (21), प्रियांशु शर्मा (21), राकेश कुमार (20) व दीपक कुमार (25) बताये गये हैं. मनीष बिहार के मधुबनी के खजौली थाना क्षेत्र के छतरा के महाराजपुर का, कार्तिक व प्रियांशु समस्तीपुर के दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के भगवानपुर चकशेखु के, राकेश दलसिंहसराय के मौलवीचक का और दीपक जमशेदपुर के सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के एग्रिको का निवासी है. इन सभी को मंगलवार की रात को पुलिस ने गिरफ्तार किया. सभी 5 आरोपी कोलकाता के रिजेंट पार्क व गोल्फग्रीन थाना क्षेत्र में किराये के मकान में रह रहे थे. यहीं से साइबर क्राइम (Cyber Crime) करते थे. मनीष गोल्फग्रीन के विजयगढ़ और दीपक टॉलीगंज के अरविंद नगर में रहता है. वहीं राकेश, कार्तिक व प्रियांशु तीनों रिजेंट पार्क के रिजेंट कॉलोनी में रहते हैं. 25 दिसंबर 2020 को विधाननगर साइबर क्राइम थाने में सॉल्टलेक निवासी पूर्व आइएएस अधिकारी पीके भामा (80) की ओर से उनके प्रतिनिधि चंदन चाउलिया ने थाने में शिकायत दर्ज करायी कि पीड़ित को दो नंबरों से जालसाजों ने कई बार फोन किये थे.

फोन करके खुद को ऑनलाइन शॉपिंग (Online Shopping) एजेंसी का अधिकारी बताकर जालसाजों ने कुछ उत्पाद खरीदने के नाम पर भुगतान करने का आग्रह किया और उनकी बातों में आकर वृद्ध ने 40,686 रुपये गंवा दिये. शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और इस क्रम में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया. विधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के डीसी (मुख्यालय) सूर्यप्रताप यादव ने बताया कि चार आरोपी मूलत: बिहार के और एक झारखंड का है. ये लोग ठगी के कई अन्य मामलों में भी वांछित हैं. साइबर ठगी के गिरोह के पांच सदस्यों के पास से पुलिस ने कई सारे गैजेट व बैंक दस्तावेज जब्त किये हैं. पूछताछ में यह भी पता चला है कि गिरोह ने जामताड़ा वेब सीरीज से प्रेरित होकर लोगों को अलग-अलग तरीके से ठगा. बुधवार को कोर्ट में पेश किये जाने पर पांचों आरोपियों को पांच दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

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