गढ़वा में एक मां ने नवजात को रखने से किया इंकार, एडॉप्शन सेंटर में है नवजात

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गढ़वा के ऊंटारी में एक नाबालिग बच्ची के मां बनने का मामला सामने आया है। नाबालिग बच्ची जन्म देने के बाद नवजात को अपने साथ नहीं रखना चाहती। उसने जन्म के बाद नवजात को एएनएम (सहायक नर्सिंग मिडवाइफरी) को दे दिया है। यह मामला जब सीडब्ल्यूसी अध्यक्ष उपेंद्रनाथ दुबे को पता चला तो इसे गंभीरता से लेते हुए जच्चा और बच्चा को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। उसके बाद शुक्रवार को नवजात को समिति के सामने प्रस्तुत किया गया। उसी दौरान नाबालिग बच्ची ने बताया कि वह बच्चे को नहीं रखना चाहती है। उसके बाद नाबालिग बच्ची को जिला मुख्यालय के कुपोषण उपचार केंद्र में भर्ती कराया गया। शनिवार को उसे विशेष दत्तक संस्थान(Special Adoption Institute) रांची भेज दिया जाएगा। बताया जा रहा है कि नाबालिग बच्ची ने सात अप्रैल को नवजात को एक निजी क्लीनिक में जन्म दिया। एएनएम माया कुमार ने उसका प्रसव कराया । नवजात के जन्म के बाद नवजात को नगर ऊंटारी की सोनामनी देवी नामक महिला को दे दी। इसी दैरान सीडब्ल्यूसी को सूचना मिली कि नवजात को एक लाख रुपए में बेच दिया गया है। उसपर तुरंत संज्ञान लेते हुए अध्यक्ष ने नवजात को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश देते हुए अपना-अपना पक्ष रखने को कहा। नर्स, बच्ची को लेने वाली महिला और नाबालिग बच्ची ने अपना-अपना पक्ष रखा। बच्ची को गोद लेने वाली महिला का कहना था कि उसे नियम की जानकारी नहीं थी इसलिए नवजात को सीडब्ल्यूसी में प्रस्तुत नहीं कर सकी। अध्यक्ष ने बताया कि नाबालिग बच्ची का प्रेम संबंध पलामू के युवक से है। उसकी भी जांच की जा रही है। जांच में मिले तथ्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।  

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