झारखंड में करोड़ों के नुकसान के बाद शराब की बिक्री अब निजी हाथों में…

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राज्य सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। अब शराब की थोक बिक्री में झारखंड स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के एकाधिपत्य का समाप्त करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। कहा जा रहा है कि अब प्राइवेट सेक्टर के माध्यम से झारखंड में शराब की बिक्री होगी। राज्य में अब शराब की बिक्री 2010 के पहले जैसी व्यवस्था के तहत होगी। उत्पाद विभाग ने यह प्रस्ताव पिछले सात वर्षों में शराब की बिक्री में न के बराबर हुई वृद्धि को लेकर तैयार किया है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक समाप्त होने के बाद कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया कि इसे लेकर ‘झारखंड मदिरा का भंडारण एवं थोक बिक्री नियमावली- 2021’ के गठन की स्वीकृति दी गई। बताया जा रहा है कि  शराब के साथ- साथ बियर की बिक्री में काफी गिरवाट देखी गई है। एक आंकड़े के अनुसार, साल 2009 और 2010 में बियर की बिक्री दर जहां 20.1 फीसदी थी वहीं, 2013-14 में यह घटकर 6.1 फीसदी पर आ गया। दरअसल, शराब की हर बोतल पर सरकार को सालों में अलग- अलग राजस्व की प्राप्ति होती रही है। ऐसा माना जा रहा है कि कॉरपोरेशन अब अधिक शराब बेचने में रुचि नहीं ले रहा है। वहीं, कॉरपोरेशन कर्मियों को बिक्री बढ़ने और घटने से उनके मानदेय पर कोई असर नहीं पड़ता है। इस वजह से कॉरपोरेशन के कर्मचारी शराब की बिक्री के लिए कोई कोशिश नहीं कर रहे हैं। वहीं, कहा जा रहा है कि विधि और वित्त विभाग की सहमति के बाद अब कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।

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