झारखंड के शिक्षा बजट में केंद्र ने की कटौती… जितने मांगे उतने मिले नहीं… केंद्र ने कहा…

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झारखंड के समग्र शिक्षा अभियान के लिए केंद्र सरकार ने 1942 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी है। शुक्रवार को प्रोजेक्ट अप्रू वल बोर्ड की ऑनलाइन बैठक में इसे मंजूरी मिली। बता दें झारखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 3241 करोड़ रुपए का बजट केंद्र सरकार को भेजा था। इनमें से सिर्फ 1942 करोड़ रुपए ही पास हुए। केंद्र सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का बकाया 212 करोड रुपए अलग से देने पर भी सहमति जताई। अब इस साल झारखंड को कुल 2154 करोड़ रुपए मिलेंगे।

1000 नए आईसीटी लैब और 1228 स्कूलों में स्मार्ट क्लास को मंजूरी नहीं मिल सकी। केंद्र ने कहा कि पिछले वर्ष में जितने भी आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास को स्वीकृति दी गई थी पहले उसे तैयार किया जाए। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय के लिए फंड बढ़ाने के प्रस्ताव को भी नामंजूर कर दिया गया। पैब का कहना है कि जब ये स्कूल एक साल से बंद पड़े हुए हैं तो इस वर्ष फिर भोजन मद में पैसे कैसे दिए जा सकते हैं। पारा टीचर्स की सैलरी के लिए झारखंड ने 878 करोड़ मांगे थे। पैब ने 781 करोड़ रु मंजूर किए। कहा-राज्य में पारा टीचर्स की संख्या कुछ कम हुई है। राज्य सरकार भी इनकी सैलरी का कुछ भार उठाए। साथ ही कई सिविल वर्क में भी कटौती की गई है। अतिरिक्त क्लास रूम और भवन निर्माण के लिए राशि घटाई गई है। झारखंड सरकार ने दुमका-खूंटी में डायट भवन बनाने का प्रस्ताव भेजा था। सिर्फ दुमका में डायट भवन बनाने की मंजूरी मिली। हालांकि शौचालय निर्माण की राशि स्वीकृत हो गई। बैठक में शिक्षा मंत्रालय की स्कूली शिक्षा और साक्षरता सचिव अनिता खारवाल, संयुक्त सचिव मनीष गर्ग, झारखंड के शिक्षा सचिव  राजेश कुमार शर्मा, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक शैलेश कुमार चौरसिया समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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