झारखंड की बेटियों का रेप और शोषण; 23 महीने में 208 रेस्क्यू ऑपरेशन…. केस दर्ज हुए सिर्फ 33

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अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस ने एक रिपोर्ट जारी की है। ये रिपोर्ट झारखंड में बच्चों की तस्करी, शोषण और रेप के आंकड़ों पर आधारित है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अप्रैल 2019 से फरवरी 2021 के बीच झारखंड में 208 रेस्क्यू ऑपरेशन कर 480 बच्चों को बचाया गया, जबकि इसके एवज में दिल्ली और झारखंड में सिर्फ 33 केस ही दर्ज हुए। रिपोर्ट में बताया गया है कि ये आंकडा झारखंड की एक NGO बाल कल्याण संघ (BKS) ने संडे एक्सप्रेस से साझा किया है। बीकेएस राज्य में झारखंड महिला एवं बाल विभाग के अंतर्गत काम करती है।

रिपोर्ट में बताया गया है कि 2014 से जुलाई 2020 के बीच झारखंड में तस्करी के 956 मामले सामने आए। इनमें बच्चों से लेकर वयस्कों की तस्करी भी शामिल है। इसमें सिर्फ 593 मामलों में ही चार्जशीट दायर हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि 1900 लोगों की तस्करी हुई जबकि 1534 का ही रेस्क्यू हो पाया। रिपोर्ट में कई घटनाओं का जिक्र है। जैस पाकुड़ में 13 साल की बच्ची का यौन शोषण के बाद दिल्ली ले जाया गया। जिस घर में लड़की को काम पर रखा गया उस घर के मालिक ने भी लड़की का कई बार यौन शोषण किया। बाद में लड़की दिल्ली के टैगोर हिल मैट्रो स्टेशन पर मिली। एक और घटना का जिक्र करते हुए बताया गया कि गोड्डा की 4 नाबालिग लड़कियों की दिल्ली में तस्करी हुई। इसमें 17 साल की एक लड़की भी शामिल थी। लॉकडाउन के दौरान दिल्ली के शकरपुर में तस्करों को लड़की को रखा। तस्करों ने लड़की का यौन शोषण किया।