कोरोना ने13 हजार बच्चों से छीन लिया स्कूल… पहले प्राइवेट स्कूल में पढ़ते थे… अब यहां हुआ दाखिला…

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कोरोना काल में लोगों की आर्थिक स्थिति के साथ बच्चों के पढ़ाई पर भी काफी असर पडा हैं। रोजगार जाने के वजह से निजी स्कूलों में अपने बच्चों की फीस जमा करने में अभिभावक असमर्थ हैं। इसके वजह से वे अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटा रहे हैं। कहा जा रहा है कि रांची में लगभग 13000 छात्र-छात्राएं निजी स्कूलों से नाम कटाकर सरकारी स्कूलों में आए हैं।

झारखंड शिक्षा परियोजना द्वारा तैयार किए गए डाटा के अनुसार रांची में इस वर्ष पिछले वर्ष के मुकाबले 24 हजार से अधिक बच्चों का नामांकन सरकारी स्कूलों में हुआ है। नामांकन के वक्त बच्चों द्वारा जमा किए गए स्थानांतरण प्रमाण पत्रों की जांच की तो उसमें 50% निजी विद्यालयों के ट्रांसफर सर्टिफिकेट मिले। यानी रांची में 12 हजार विद्यार्थी निजी स्कूल से नाम कटाकर सरकारी स्कूल पहुंचे। बाकी बच्चे शपथ पत्र देकर आए, इनमें भी कई निजी स्कूलों के हो सकते हैं। वहीं, धनबाद में 35 स्कूलों के 1006 बच्चे निजी स्कूलों से नाम कटाकर सरकारी स्कूलों में आए हैं। वहीं धनबाद में निजी स्कूलों से नाम कटा कर1006 बच्चे सरकारी स्कूलों में आए हैं। निजी स्कूलों से नाम कटवा कर सरकारी स्कूल पहुंचने वाले विद्यार्थियों में 51 प्रतिशत से अधिक बेटियां हैं। ये शहर के कई प्रतिष्ठित सीबीएसई-आईसीएसई स्कूलों में पढ़ती थीं।

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