झारखंड में 10वीं और 12वीं के 80 हजार स्टूडेंट्स के रिजल्ट पर संकट… जानें क्या है कारण

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झारखंड एकेडमिक काउंसिल के 10वीं और 12वीं के करीब 80 हजार स्टूडेंट्स का रिजल्ट पेंडिंग पड़ सकता है। इसका कारण समय पर प्रैक्टिकल परीक्षा का नहीं होना। प्रैक्टिकल परीक्षा को लेकर अभी तक आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से कोई अनुमति नहीं मिली है। अगर अनुमति मिलने में देरी होती है तो ऐसे छात्र-छात्राओं का रिजल्ट पेंडिंग रह सकता है। दरअसल, ये वैसे छात्र हैं जो कोरोना की दूसरी लहर के कारण प्रैक्टिकल की परीक्षा नहीं दे सके थे।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार झारखंड एकेडमिक काउंसिल को भी जुलाई में ही मैट्रिक के साथ-साथ इंटरमीडिएट का रिजल्ट जारी कर देना है। उसको देखते हुए जैक ने सभी छात्रों के प्रैक्टिकल और इंटरनल असेसमेंट का अंक तीन से 13 जुलाई तक अपलोड करने का निर्देश दिया है। यह काम शुरू भी हो चुका है। सोमवार से इसमें और तेजी आ सकेगी। मैट्रिक में 4.30 लाख परीक्षार्थी हैं, जबकि इंटर में 3.40 लाख। इनमें से करीब 80 हजार की प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं हो सकी है। कोरोना के चलते अप्रैल महीने में प्रैक्टिकल परीक्षा समय से पहले ही स्थगित कर दी गई थी। बाद में मैट्रिक और इंटर की परीक्षा रद्द की गई और नौंवी और 11वीं के रिजल्ट के आधार पर इसके परिणाम तैयार किए जा रहे हैं। इसमें थ्योरी पेपर के अंक जहां जैक देगा, वहीं प्रैक्टिकल और इंटरनल एसेसमेंट के अंक स्कूलों को देने हैं। शिक्षा विभाग का दावा है कि 85 से 90 फ़ीसदी छात्र-छात्राओं की प्रैक्टिकल परीक्षाएं ली जा चुकी हैं, जो 10 से 15 फ़ीसदी परीक्षार्थी बच गए हैं उनकी प्रैक्टिकल परीक्षा ली जानी है। शिक्षा विभाग ने इन परीक्षार्थियों के भविष्य को देखते हुए कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए प्रैक्टिकल परीक्षा आयोजित करने की अनुमति मांगी है। इसके लिए पिछले सप्ताह ही आपदा प्रबंधन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।

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