अब इतिहास बनेगा कोरोना- कोरोना काल की वो दो अमर तारीख नोट कर लीजिए

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भारत के इतिहास में दो तारीखें हमेशा के लिए दर्ज हो गईं ऐसा इसलिए क्योंकि 17 जनवरी 2020 ये वही तारीख थी जब कोरोना को लेकर देश में पहली बार सरकार ने एडवायजरी जारी की थी… और विदेशों से आने वाले हर यात्री की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू हुई थी… ये जानकारी पीएम मोदी ने वैक्सीनेशन की शुरुआत के वक्त दिए अपने संबोधन में दी… जिसे लेकर बाद में पीएमओ ने ट्वीट भी किया… देश में कोरोना वैक्सीनेशन के सबसे बड़े अभियान की शुरुआत करने के साथ ही पीएमओ की तरफ से किए गए ट्वीट में लिखा गया…

PMO इंडिया का ट्वीट


इसके साथ ही पीएमओ ने एक और टवीट कर लिखा की पिछले साल आज के ही दिन यानि 16 जनवरी 2020 को हमने बाकायदा सर्विलांस शुरू कर दी थी… पीएम मोदी के संबोधन के बाद पीएमओ ने पीएम मोदी के हवाले से ट्वीट कर लिखा

नई उम्मीद लेकर आई 16 जनवरी 2021

16 जनवरी 2021 ये तारीख आज की है… आज देश ने एक उम्मीद देखी, देश की जनता में एक आस जगी है, और आज देश ने दुनिया का सबसे बड़ा वैक्सीनेशन करके इतिहास रचा है… सर्वे भवन्तु सुखिनः सर्वे सन्तु निरामया के मंत्र के साथ देश में एक नई उम्मीद की किरण को जगाया है

Source- पीएमओ ट्वीट

कुछ ऐसे बीता कोरोना के साथ एक साल

एक साल के इस काल चक्र में भारत ने जनता कर्फ्यू भी देखा,,, लॉकडाउन भी देखा, लोगों को नंगे पांव घर वापसी भी देखी, और कोरोना की भेंट चढ़ते अपनों को भी देखा… जो घर से निकले थे लेकिन फिर लौट कर वापस घर नहीं लौटे, वो अभागे तो ऐसे रहे जिनका अंतिम संस्कार तक में घर वाले शामिल नहीं हो सके, कोरोना के उस काल खंड को याद करते हुए पीएम मोदी भी उस वक्त भावुक हो गए जब वो देश की जनता को वैक्सीन समर्पित कर रहे थे… अपनी संबोधन में पीएम मोदी ने उन मां का जिक्र किया जिनके मासूम बच्चों को कोरोना के चलते उनसे अलग कर दिया गया… इसके साथ ही पीएम ने उस दौर को भी याद किया जब बीमार लोगों को बीमारी के साथ अकेला छोड़ दिया जाता था।

अब वो दौर बीत चुका मानिए, जिसकी शुरुआत 17 जनवरी 2020 से हुई थी… जब भारत ने अपने अंजान दुश्मन से लड़ने के लिए पहली बार पहली प्लानिंग को सार्थक करते हुए एडवायजरी जारी की थी… अब दौर उमंग, उल्लास और उम्मीद का है, क्योंकि भारत में वैक्सीनेशन शुरू हो गया है और पहले दिन करीब 3 लाख लोगों को टीका लगा दिया गया है ।

Note: नोट ऊपर लिखे गए लेख, लेखक के अपने विचार हैं।