कर्ज की दलदल से निकलने के लिए दीपक ने रची थी अपने परिवार की हत्या की साजिश… जानें कब और कैसे दिया घटना को अंजाम…

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जमशेदपुर में पत्नी, बेटी और ट्यूशन टीचर की हत्या कर फरार आरोपी दीपक कुमार को शुक्रवार धनबाद से जमशेदपुर लाया गया। दीपक के निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल किये गये चाकू, 3 एटीएम कार्ड, एक लाख रुपए नकद, पैनकार्ड और मोबाइल बरामद किये गये। आप को बता दें कि टाटा स्टील के कर्मचारी दीपक ने अपनी पत्नी, दो बच्चियां और बच्चियों की ट्यूशन टीचर की गला रेतकर निर्मम हत्या कर फरार हो गया था। काफी मशक्कत के बाद शुक्रवार को उसे धनबाद की स्थानीय पुलिस ने गिरफ्तार किया।

एसएसपी डॉक्टर तमिलवानन ने बताया कि पूछताछ के दौरान दीपक का कहना है कि वह कर्ज में डूबा हुआ है। उसके बिजनेस पार्टनर प्रभु और उसके साले रौशन ने उसका घर बिकवा दिया और उसे कर्जदार बना दिया। वह अपने पार्टनर प्रभु और उसके साले रोशन की हत्या करना चाहता था। पर वो यह सोच कर कि कहीं उन दोनों की हत्या के बाद उसके बीवी- बच्चे सड़क पर ना आ जाए, इसलिए उसने अपनी बीवी वीणा कुमारी और दोनों बेटियों को मार डाला।

दीपक पहले चाकू से डरा कर ट्यूशन टीचर से उसकी स्कूटी लेना चाहता था। उस स्कूटी से जाकर बिजनेस पार्टनर की हत्या करना चाहता था। लेकिन जब ट्यूशन टीचर ने अपनी स्कूटी नहीं दी तो उसने गुस्से में आकर पहले अपनी पत्नी उसके बाद दोनों बेटी और अंत में ट्यूशन टीचर की हत्या कर दी। हत्या के बाद वह पूरी रात अपने ही घर में रहा और ट्यूशन टीचर के साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। सुबह घर में ताला लगा कर वह अपने ससुराल चला गया। वहां से अपनी पत्नी के गहने लाकर उसे तीन लाख रुपए में बेचने के बाद फिर घर आया। घर से उसने अपने बिजनेस पार्टनर को फोन कर बुलाया। जैसे ही बिजनेस पार्टनर और उसका साला घर पहुंचा। उसने उन दोनों पर भी जानलेवा हमला किया। लेकिन दोनों किसी तरह जान बचाकर भाग निकले।

एसएसपी ने कहा कि अगर इस घटना में दीपक का बिजनेस पार्टनर और उसका साला दोषी है, तो उनदोनों पर भी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी के मुताबिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद दीपक राजनगर होते हुए चाईबासा उसके बाद राउरकेला बुलेट से गया। वहां उसकी बुलेट पंचर हो गई। फिर उसने किराए की गाड़ी लेकर वह पुरी गया। दो दिन पूरी में रुकने के बाद वह फिर किराए की गाड़ी से सरायकेला होते हुए रांची पहुंचा। वहां कुछ खरीदारी की, फिर रामगढ़ होते हुए वह धनबाद पहुंचा। धनबाद में बैंक में अपने भाई के खाते में पैसा जमा कराने के दौरान वह गिरफ्तार कर लिया गया। कुल मिलाकर आर्थिक रूप से टूट जाने के कारण उसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया।

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