देवघर में मां की मौत पर बेटे का बड़ा खुलासा… दो कौड़ी का हेल्थ सिस्टम !, ‘…जैसा मेरे साथ हुआ किसी के साथ ना हो’

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EXCLUSIVE REPORT – देवघर के बिलासी टाउन के रहने वाले हैं राजीव रंजन मिश्रा। झारखंड जंक्शन से बात करते हुए उन्होंने बताया कि डॉक्टरों और नर्सों को मरीज की जान की परवाह नहीं है। पूरा अस्पताल अव्यवस्था की भेंट चढ़ा हुआ है। वहीं अस्पताल अखबार में गलत खबर छपवाता है। उन्होंने कहा कि मेरे साथ जैसा हुआ वो किसी के साथ नहीं हो। 23 अप्रैल को राजीव रंजन मिश्रा की 62 वर्षीय मां मनोरमा देवी की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई थी। 22 अप्रैल को कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उन्हें देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

झारखंड में कोरोना से लागातर हो रही मौत के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की कलई खुल रही है। देवघर में नया एयरपोर्ट तो बन रहा है। मधुपुर से दिल्ली के ट्रेन तो खुल रही हैं। देवघर में AIIMS जैसे अस्पताल तो बन रहे हैं, लेकिन कोरोना काल ने स्वास्थ्य सेवाओं की बखिया उधेड़ दी है। लोग दर दर सही इलाज के लिए भटक रहे हैं। कई मरीज दावा कर रहे हैं कि स्वास्थ्य व्यवस्था का हाल बेहद बुरा है।

देवघर के रहने वाले राजीव रंजन भी उसी लचर और दो कौड़ी के सिस्टम के सताए बताए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि देवघर के सदर अस्पताल में डॉक्टर और नर्स बेपरवाह हैं। मरीजों का ठीक से ख्याल नहीं रखा जा रहा है। अस्पताल में भर्ती मरीजों का ऑक्सीजन लेवल तक सही तरीके से जांच नहीं हो रहा है। गंभीर मरीजों को ना स्लाइन दिया जा रहा है ना दूसरी स्वास्थ्य व्यवस्थाओं का ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने सदर अस्पताल के डॉक्टर राजीव पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

प्रभात खबर अखबार में छपी खबर

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल अपनी नाकामी छिपा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अखबारों में गलत खबर दी जा रही है। उन्होंने 23 अप्रैल की घटना का हवाला देते हुए कहा कि उस रोज जब उनकी मां की मौत हुई थी वो चुपचाप शांति से शव लेकर गए थे, लेकिन अखबार में खबर छापी गई कि मरीज के परिजनों ने मौत की घोषणा को लेकर हंगामा किया। जिसके बाद पुलिस तक को बुलाना पड़ा। अब राजीव रंजन चाहते हैं कि जिस बीमार सिस्टम के वो शिकार हुए हैं वैसा किसी और के साथ नहीं हो।