एक गांव ऐसा… जिसका नाम लेने पर लोग करते थे शर्मिंदगी महसूस…

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देवघर के मोहनपुर प्रखंड की बंका पंचायत का एक गांव का नाम ऐसा था कि नयी पीढ़ी के लोगों को स्कूल और कॉलेज में अपने गांव का नाम बताने में काफी शर्म आती थी. इस वजह से छात्र-छात्राएं अपने शिक्षण संस्थान समेत अपने दोस्तों को गांव का नाम नहीं बता पाते थे. गांव का नाम बताने पर मजाक भी उड़ाया जाता था. ग्राम सभा की पहल पर इस गांव का नाम बदलकर मसूरिया  किया गया. अब लोग फख्र से अपने गांव का नाम बताते हैं.

देवघर के इस गांव का नाम जाति, आवासीय व आय प्रमाण पत्रों में देख लोग हंसने लगते थे. वर्षों से चलती आ रही इन परेशानियों को नयी पीढ़ी के युवाओं ने बदलने का मन बनाया व पंचायत का सहारा लिया. बंका पंचायत के ग्राम पंचायत प्रधान रंजीत कुमार यादव ने गांव के सारे सरकारी दस्तावेजों में नया नामकरण करने के लिए ग्राम सभा की बैठक बुलायी. सर्वसम्मति से गांव का पुराना नाम बदलकर नया नाम मसूरिया रखने का प्रस्ताव पारित किया गया. सभी सरकारी कार्यालय समेत दस्तावेजों में विशेष तौर पर मसूरिया के नाम से गांव की इंट्री करायी गयी. अब राजस्व विभाग की वेबसाइट में भी मसूरिया  गांव का नाम दर्ज हो गया है. अब मसूरिया गांव नाम से लोग अपनी जमीन का लगान भी जमा करते हैं. अंचल कार्यालय के राजस्व ग्राम समेत थाना व प्रखंड कार्यालय के राजस्व ग्रामों की सूची में मसूरिया का नाम दर्ज कराया गया. अब प्रखंड कार्यालय से संचालित विकास योजना भी मसूरिया के नाम से हो रहा है. छात्रों को स्कूल व कॉलेज में जमा करने के लिए जाति, आवासीय व आय प्रमाण पत्र भी मसूरिया के नाम से जारी हो रहा है. बंका पंचायत के प्रधान रंजीत कुमार यादव बताते हैं कि पहले गांव का नाम आपत्तिजनक था. छात्रों को अपने गांव का पुराना नाम बताने में परेशानी होती थी. विशेष कर लड़कियों को स्कूल व कॉलेज में गांव का नाम बताने में परेशानी होती थी. ग्राम सभा के माध्यम से सभी सरकारी दस्तावेजों में अब गांव का नया नाम मसूरिया कर दिया गया है. सभी प्रमाण पत्र मसूरिया  के नाम से जारी हो रहे हैं.

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