केंद्र सरकार हर साल करेगी बैद्यनाथ महोत्सव का आयोजन… जानिए क्या है इसका उद्देश्य…

Share

देवघर : दिल्ली में सोमवार को संस्कृति मंत्रालय के सचिव गोविंदा मोहन और अन्य अधिकारियों के बीच बैठक हुई. संस्कृति मंत्रालय ने देवघर में कलकत्ता उप-केंद्र खोलने का निर्णय लिया है। इससे स्थानीय भाषाओं जैसे संताली, संस्कृत, खोरठा, बंगाली, मैथिली, अंगिका, भोजपुरी का विकास होगा। इन भाषाओं को बढ़ावा देने के लिए कई कार्यक्रम किये जाएंगे। संस्कृति मंत्रालय ने हर साल देवघर में वैद्यनाथ महोत्सव आयोजित करने के लिए धन उपलब्ध कराने का फैसला किया है। यह महाशिवरात्रि के करीब आयोजित किया जाएगा। देवघर में सबसे बड़ा राजकीय पुस्तकालय खोलने का निर्णय लिया गया है । लाइब्रेरी से बैद्यनाथ संस्कृत पुस्तकालय की स्थानीय पांडुलिपि व लेखक को बेहतर प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जाएगा.

विक्रमशिला, करौं व पोड़ैयाहाट में पुरातत्व विभाग करेगा खुदाई : बैठक में विक्रमशिला समेत करौं में कर्णेश्वर मंदिर के समीप व पौड़ेयाहाट के पदमपुर में पुरातत्व विभाग द्वारा खुदाई करने का निर्णय लिया गया. इन स्थानों के धार्मिक व ऐतिहासिक तथ्यों को जुटाकर और भी समृद्ध किया जायेगा. इन धार्मिक व ऐतिहासिक स्थानों की खुदाई मार्च तक शुरू करने की योजना है. देवघर में रवींद्रनाथ टैगोर सांस्कृतिक केंद्र की योजना रद्द होने के बाद फिर से इसके प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गयी. केंद्र सरकार टैगोर सांस्कृतिक केंद्र के लिए 20 करोड़ रुपये देगी. संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार ने देवघर में सब सेंटर खोलने का निर्णय लिया है. देवघर में प्रत्येक वर्ष बैद्यनाथ महोत्सव का आयोजन होगा. इसमें केंद्र सरकार फंड मुहैया करायेगी. करौं, पौड़ेयाहाट व विक्रमशिला में पुरातत्व विभाग खुदाई करेगा.

1 2 3 150
Facebook Comments Box