देवघर और बासुकिनाथ में नहीं लगेगा मेला, भक्तों को रोकने के लिए लग रहा बैरिकेड्स… जान लीजिए ये बातें

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इस बार सावन में भोले बाबा की नगरी में भक्तों की भीड़ बोल बम के नारे और हर हर महादेव का जयकारा नहीं लग पायेगें। कोरोना वायरस को लेकर इस बार भी बाबानगरी देवघर में श्रावणी मेला का आयोजन नहीं हो सकेगा। इस फैसले के बाद देवघर आनेवाले श्रद्धालुओं को बाबानगरी में आने से रोकने की तैयारी चल रही है। बाबानगरी में शिवभक्तो को  रोकने किए जगह जगह बैरिके़डिंग की जा रही है। कोरोना के तीसरी लहर को देखते हुए दूसरी बार श्रावणी मेला नहीं लगना तय माना जा रहा है। यही वजह है कि श्रद्धालुओं को रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से जोर-शोर से तैयारी की जा रही है.

इस सिलसिले में बिहार और झारखंड पुलिस की संयुक्त बैठक देवघर पुलिस लाइन में हुई. जिसमें संभावित श्रद्धालुओं को देवघर सीमा पर रोकने को लेकर रणनीति बनाई गई है, जिसके तहत बिहार और झारखंड की सीमा पर ही श्रद्धालुओं को रोक दिया जाएगा। बाबाधाम जाने वाले सभी रास्तों को सील किया जा रहा है। शिवगंगा के किनारे नेहरू पार्क के पास भी अस्थायी प्रशासनिक कार्यालया का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। शहर में प्रवेश करने के रास्तों पर इस तरह के कई प्रशासनिक दफ्तर बनाये गये हैं, ताकि लोगों को बाहर में ही रोका जा सके। इसके अलावा पूरे महीने में पुलिस पदाधिकारी, पुलिस के जवान और मजिस्ट्रेट तीन शिफ्ट में काम करेंगे। यहां तक कि शिवगंगा में किसी को भी स्नान करने की अनुमति नहीं होगी। इसे बांस लगाकर अस्थायी तौर पर घेर दिया जा रहा है। इसके अलावा  दुम्मा बॉर्डर को भी सील किया जा सकता है। वहीं इस साल भी झारखंड के दुमका जिले के बासुकिनाथ में विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेला 2021 का आयोजन नहीं होगा। बासुकिनाथ मंदिर प्रशासनिक सह संस्कार भवन सभागार में अपर समाहर्ता राजेश कुमार राय और एसडीओ महेश्वर महतो ने पंडा धर्मरक्षिणी सभा के साथ बैठक कर सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा की कोरोना के कारण राज्य सरकार ने निर्देश जारी किया है कि बासुकिनाथ मंदिर इस वर्ष भी सावन महीने के दौरान भक्तों के लिए नहीं खोला जायेगा। इस निर्देश के बाद बासुकिनाथ मंदिर में श्रद्धालु नहीं पहुंचे, इसके लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है।

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