झारखंड का राम भरोसे स्कूल!…पहले आओ, सीट पाओ, नहीं तो घर जाओ…काश साहब ने पूरा करवा दिया होता कमरा

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झारखंड में कोरोना काल में स्कूल तो खोल दिया गया है, लेकिन स्कूल में जगह का संकट पैदा हो गया है. इस स्कूल में अब हालत ऐसी हो गई है कि पहले आओगे तो जगह पाओगे नहीं तो छात्र-छात्राओं को घर लौटना पड़ेगा…ये आलम है देवघर के देवीपुर प्लस टू हाई स्कूल का. इस स्कूल में छात्र 10-10 किलोमीटर दूर से पैदल चलकर स्कूल में पढ़ने पहुंचते हैं. इसके बाद भी बच्चों को स्कूल से बिना पढ़े घर लौटना पड़ता है. कोरोना काल में एक बेंच पर दो बच्चों से ज्यादा बिठा नहीं सकते, ऐसे में उन बच्चों को घर लौटा दिया जाता है, जिन्हें क्लास रूम में बैठकने के लिए जगह नहीं मिलती है. बच्चों के अभिभाव स्कूल में इसकी शिकायत करने पहुंचते हैं तो स्कूल खुद को लाचार बताता है. स्कूल प्रशासन की तरफ से कहा जाता है कि सीट बढ़ाने का अधिकार उनके पास नहीं हैं.

स्कूल के प्रधानाचार्य दिलीप मंडल कहते हैं कि स्कूल में कमरा कम है. कमरा कम है तो ज्यादा बच्चों को बैठने के लिए व्यवस्था नहीं हैं. ऐसे में जो बच्चे जरा से लेट हुए, उन्हें क्लास में जगह नहीं मिल पाती है और उन्हें घर के लिए लौटना पड़ता है. अब समझिए इस स्कूल में ऐसी परेशानी क्यों हो रही है. स्कूल में दो कमरों का निर्माण हो रहा था, जो आज तक अधूरा है. अगर स्कूल में निर्माणधीन कमरे बन गए होते तो बच्चों को परेशानी ही नहीं होती…ऐसे सरकार, शासन और प्रशासन को इससे क्या फर्क पड़ता है.

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