शिक्षिका ने मौत के बाद भी किया दो जिंदगियों को रौशन…

Share

धनबाद की एक शिक्षिका ने कई बच्चों का भविष्य जीते जी रौशन तो किया ही, पर दो जिंदगी मौत के बाद भी रौशन कर गयी। बता दें 50 साल की शिक्षिका स्कूल जाने के दौरान सड़क हादसे में घायल हो गई थी। रिम्स में इलाज के दौरान दो दिन पहले मौत हो गई। पत्नी की मौत के बाद पति ने नेत्रदान करने का निर्णय लिया। उन्होंने तुरंत नेत्र विभाग व आई बैंक के अधिकारियों से संपर्क कर नेत्रदान की इच्छा जताई। जिसके बाद नेत्र अधिकोष टीम ने जल्दी से नेत्रदान की प्रक्रिया पूरी की।

धनबाद की शिक्षिका की आंखों से 26 साल के भोजपुर निवासी अमीत कुमार और डोरंडा की मंजू देवी फिर से दुनिया देख सकेंगी। डोरंडा की रहने वाली 67 वर्षीय मंजू देवी कई सालों से देख पाने में असमर्थ थीं। लगभग पांच साल पहले मोतियाबिंद के ऑपरेशन के दौरान कॉर्निया खराब हो गयी थी। अब मंजू देवी शिक्षिका की आंखों से दुनिया देख सकेंगी। शुक्रवार को मंजू की जांच करने के बाद कार्निया का प्रत्यारोपन किया गया। बिहार के भोजपुर के 26 साल के अमित कुमार दोनों आंखों से देख पाने में असमर्थ हो गये थे। केराटोकोनस के कारण अमित की दोनों आंखों की रौशनी चली गयी थी। केराटोकोनस में कॉर्निया को ढंकने वाला पारदर्शी गुंबद के आकार के ऊतक पतले होकर कोन के आकार में बहार निकल आते हैं। इसका कारण अज्ञात होता है। अमित का इलाज कोलकाता जैसे बड़े शहरों में किया जा चुका था। अंत में ईएसआई अस्पताल नामकुम से रिम्स लाकर इनका कार्निया प्रत्यारोपन किया गया।

1 2 3 116
Facebook Comments Box