झारखंड में पढ़ाई से चार लाख बच्चों ने बनाई दूरी… विभागीय सर्वेक्षण में चौकाने वाले खुलासे…

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कोरोना महामारी का सरकारी स्कूलों के पड़ाई पर काफी असर पड़ा है। स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग की ओर से एक सर्वेक्षण में पाया गया है कि लगभग चार लाख बच्चे पड़ाई से पूरी तरह दूर हो चुके हैं। माध्यमिक शिक्षक संघ की ओर से पहले ही इस मामले को लेकर सवाल खड़ा किया गया था। पर कोई भी कारगर उपाय भी नहीं है कि इन तक ऑनलाइन पड़ाई कराया जा सके। मामले को लेकर विभाग ने चिंता व्यक्त की है।

इस सर्वेक्षण के अनुसार लगभग 2 लाख बच्चे पड़ाई से पूरी तरह दूर हो गए हैं। ऑनलाइन पड़ाई तो दूर की बात यह बच्चे खुद से भी घर में पढ़ाई नहीं करते। राज्य सरकार की ओर से संचालित डीजी एप और विभिन्न ऑनलाइन माध्यम से यह बच्चे जुड़ते ही नहीं हैं। हालांकि शिक्षकों के मुताबिक 2 लाख बच्चों के आंकड़ें चार लाख तक हो गए हैं। शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया था कि इस परेशानी को दूर करने के लिए प्रखंड स्तर पर शिक्षकों का एक समूह बनाया जाएगा और वह ग्रामीण क्षेत्रों तक जाकर ऑनलाइन पढ़ाई उन बच्चों को कराएंगे। संभव हो सके तो प्रखंड कार्यालय और नजदीकी स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का ख्याल रखते हुए ऐसे बच्चों को चिन्हित कर उन्हें ऑफलाइन पढ़ाया जाएगा लेकिन तमाम योजनाएं शिक्षा विभाग की धरी की धरी रह गईं। इस ओर किसी ने ध्यान ही नहीं दिया और इस वजह से ग्रामीण क्षेत्र के अधिकतर विद्यार्थी पढ़ाई से वंचित हो गए। किताब मिलने में भी काफी देरी हुई इस वजह से भी बच्चों को पढ़ाई में रुचि नहीं रही। हालांकि इस कोरोना संकट काल में उच्च शिक्षा विभाग ने हाथों-हाथ ऑनलाइन क्लास और गतिविधियों को लिया है। उच्च शिक्षा विभाग के ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को थोड़ी बहुत परेशानी जरूर हो रही, लेकिन वह किसी न किसी तरीके से अपनी इन परेशानियों को दूर जरूर कर रहे हैं। अब तो शिक्षकों की ओर से भी ब्लॉग लिखकर विद्यार्थियों को स्टडी मेटेरियल उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

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