साइबर पुलिस ने जैप जवान के घर पर मारा छापा… जवान की पत्नी डीएसपी के खिलाफ पहुंची थाना

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गिरिडीह साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराधियों की तलाश में एक जैप जवान के घर पर छापेमारी की। यहां काफी देर तक छानबीन की गई लेकिन किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी,पर इस छापेमारी के बाद साइबर थाना की पुलिस विवादों में घिर गई है। जिस जैप जवान के घर में छापेमारी की गई है उसकी पत्नी ने गांडेय थाना में साइबर डीएसपी के खिलाफ शिकायत की है और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

गांडेय थाना में दिए आवेदन में प्रमिला देवी ने कहा है कि उसके पति ढालो मंडल लिट्टीपाड़ा में जैप आरक्षी हैं। 29 जुलाई की रात करीब डेढ़ बजे उसके घर का दरवाजा तोड़कर 15-16 लोग घर के अंदर दाखिल हो गए। सभी पुलिस की वर्दी में थे। सभी अंदर आये और धक्का देकर उसे गिरा दिया। घर के अंदर घुसे लोगों में से एक व्यक्ति ने खुद को साइबर डीएसपी बताया। इसके बाद बेटे के संदर्भ में पूछताछ की। जब कहा गया कि बेटा मौसी के घर गया है। इसके बाद अलमीरा खोलकर जेवरात और 15 हजार रुपए नकदी निकाल लिया गया। इसके बाद सभी पुलिसकर्मी वाहन पर सवार होकर चलते बने। प्रमिला ने कहा कि बगैर किसी सूचना के इस तरह की कार्रवाई उसके घर में हुई गई है। इससे उसकी और उसके परिवारवालों की प्रतिष्ठा का हनन हुआ है और उसकी सास को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया है। वहीं डीएसपी संदीप सुमन समदर्शी ने कहा कि पुलिस को बदनाम करने और दबाव बनाने के लिए इस तरह गलत आरोप लगाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि छापेमारी में वे गए ही नहीं थे। छापेमारी के लिए साइबर थाना से पुलिस अधिकारी और जवान गए थे। बताया कि दरअसल साइबर अपराध में एक संदिग्ध मोहन साव को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। उसी से दो अन्य संदिग्ध बसंत मंडल और संदीप मंडल की जानकारी मिली है। इसी की तलाश में पुलिस मरगोडीह गई थी। संदिग्ध में एक जैप जवान का भाई है। पुलिस को सूचना थी कि बसंत और संदीप एक ही घर में छिपे हुए हैं। जब पुलिस पहुंची तो दोनों वहीं थे परंतु जैसे ही उन्हें पुलिस के आने की भनक लगी वे लोग भागने लगे। जवानों द्वारा पीछा भी किया गया परंतु दोनों भागने में सफल रहे।

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