ऐसा मत करिए… काहे घंटी बजाकर स्वास्थ्य कर्मियों को भगा रहे है…

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गुमला का मंजीरा गांव जहां गांव में शुभ-अशुभ समाचार देने के लिए घंटी बजाई जाती है। वहीं अब इसमें थोड़ा परिवर्तन हो गया है। अब घंटी का उपयोग चेतावनी देने के लिए की जा रही है। जैसे ही शक होता है कि कोई बाहरी या स्वास्थ्यकर्मी टेस्टिंग-टीकाकरण के लिए गांव में घुस रहा है तो कोई घंटी बजा देता है। जी हां सही पढ़ रहें है आप.. वर्षों पुरानी परंपरा कोरोना ने बदल दी है। जहां गांव में शुभ-अशुभ समाचार देने के लिए घंटी बजाई जाती है। वहीं अब घंटी का प्रयोग कर स्वास्थ्यकर्मियों को भगाने के लिए किया जाता है।

गुमला के मंजीरा गांव में सरहुल पर्व की तैयारी चल रही है। गांव के उप मुखिया गंदूर भगत कहते हैं कि लोग परंपरा निभा रहे हैं। जो मछलियां पकड़ी जा रही है वो सभी के घरों में बराबर बांटी जाएंगी। फिर पूजा होगी और दूसरे दिन भोज। ऐसे में जब पुछा गया कि इससे तो संक्रमण फैल सकता है…सवाल पूछते ही एक ग्रामीण तपाक से बोला-दो दिन पहले गांव में टेस्टिंग-टीके के प्रचार के लिए स्वास्थ्य विभाग के लोग पहुंचे थे। गांववालों ने उन्हें डंडे के जोर पर खदेड़ दिया। बता दें गांव में शुभ-अशुभ समाचार देने के लिए घंटी बजाई जाती है। वहीं अब पाहन के घंटी बजाते ही गांव वाले एक जगह जमा हो जाते हैं। अब इस घंटी का उपयोग चेतावनी देने के लिए की जा रही है। जैसे ही शक होता है कि कोई बाहरी या स्वास्थ्यकर्मी टेस्टिंग-टीकाकरण के लिए गांव में घुस रहा है तो कोई घंटी बजा देता है। घंटी बजते ही ग्रामीण हाथों में डंडा लिये सड़क पर आ जाते हैं। स्वास्थ्यकर्मियों को गांव के बाहर खदेड़ दिया जाता है।

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