बाइक को कार बताकर निकाल लिए पैसे… 400 फर्जी नाम-पते वाले को टीए-डीए

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हजारीबाग के पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग में व्‍यापक पैमाने पर अनियमि‍तता सामने आई है. स्‍वच्‍छ भारत मिशन के तहत वर्ष 2014 से साल 2018 तक शौचालय निर्माण और जागरुकता कार्यक्रम पर सरकारी धनराशि खर्च होनी थी. जांच में पता चला है कि इस मद के लिए आवंटित राशि में से अफसरों ने करोड़ों रुपये अपनी सुख-सुवधिाओं और अन्‍य काम पर खर्च कर दिए. स्‍वच्‍छ भारत मिशन कार्यालय निदेशालय की 4 सदस्‍यीय टीम ने इस घोटाले का खुलासा किया है. विभाग में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग का आलम यह है कि बाइक को कार बताकर पैसे निकाल लिए गए. हजारीबाग पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग की ओर से संबंधित अवधि में लगभग 1 हजार करोड़ रुपये खर्च किए गए.

जांच टीम ने 26 जुलाई 2021 को योजना स्‍थ्‍लों का निरीक्षण, अकाउंट रिपोर्ट और उपलब्‍ध राशि के खर्च के ब्‍योरे की छानबीन के बाद व्‍यापक पैमाने पर वित्‍तीय अनियमितता का खुलासा किया. जांच के बाद कॉन्‍ट्रैक्‍ट पर कार्यरत 2 कर्मचारियों को कार्यमुक्‍त करने का आदेश दिया गया है. इस गड़बड़ी में शामिल अन्‍य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी है. जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद विभाग में खलबली मची हुई है. पेयजल एवं स्‍वच्‍छता विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भ्रष्‍टाचार की नई कहानी लिखी है. हजारीबाग प्रमंडल में आने वाले पलामू जिले में 3 साल पुरानी एक बाइक को कागजों में कार बताकर पैसे निकाल लिए गए. अभ्‍यर्थियों को बाइक से प्रशिक्षण के लिए लाया गया, जबकि पैसे की निकासी कार के मद में कर ली गई. स्‍वच्‍छ भारत मिशन कार्यालय निदेशालय की जांच टीम ने छानबीन के दौरान इसका खुलासा किया. भ्रष्‍ट अधिकारियों का इतने से ही मन नहीं भरा तो उन्‍होंने फर्जी तरीके से टीए-डीए की भी निकासी कर ली. जांच रिपोर्ट में सामने आया कि विभाग द्वारा 400 फर्जी नाम और पते पर टीए-डीए की निकासी की गई. यहां तक की 2 एजेंसियों का जीएसटी नंबर भी एक पाया गया है और उन्‍हें लाखों का भुगतान कर दिया गया. एक रिपोर्ट के अनुसार, जांचं रिपोर्ट में बरही के रानीचुआं गांव में 100 शौचालय के निर्माण पर भुगतान किया गया. जब छानबीन की गई तो पता चला कि 32 लाभुकों का नाम ही नहीं है, लेकिन उनके नाम पर सरकारी धन की निकासी कर ली गई.

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