रांची के मेदांता अस्पताल में अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारी आमने-सामने… एक-दूसरे पर लगा रहें आरोप … स्वास्थ्य कर्मचारियों ने किया काम का बहिष्कार…

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रांची के मेदांता हॉस्पिटल में स्वास्थ्य कर्मियों ने काम का बहिष्कार कर दिया है। मेदांता के ही एक कर्मचारी के परिजन की मौत के बाद अस्पताल के अलग अलग विभागों के कर्मचारी अस्पताल परिसर में हंगामा कर रहे हैं। उनका आरोप है कि वे यहां काम करते हैं जरूरत पड़ने पर उन्हें बेड नहीं मिलता। इसी के कारण सोमवार की रात एक कर्मचारी के परिजन की मौत हो गई। और कई की स्थिति गंभीर बनी हुई है। वहीं अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि कुछ लोग पैसा लेकर बेड बेचने की साजिश रच रहे थे। जब उन्हें रोका गया तो वे झूठा बहाना बना कर हंगामा कर रहे हैं।

वहीं अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि इस महामारी में हम लोग अपने घर परिवार को छोड़कर दिन-रात लोगों की जान बचाने में लगे हुए हैं। और जब हमारे परिवार वालों के संक्रमित होने के बाद उन्हें अस्पताल में जगह नहीं मिल रही है। जिसका खामियाजा भुगतना पड़ा है। इस वजह से हमारे अस्पताल के एक कर्मी के परिजन की मौत भी हो गई है। अस्पताल प्रबंधन का अपने कर्मचारियों के प्रति रवैया ठीक नहीं है।

इस हंगामे को लेकर हॉस्पिटल के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. मुख्तार ने कहा कि आरोप बेबुनियाद है। अभी भी ICU हाउसकिपिंग के कर्मचारी के भाई का इलाज चल रहा है। नर्स की परिजन का इलाज चल रहा है। हर जरूरतमंद के साथ अस्पताल खड़ा है। हम इलाज करेंगे लेकिन इस संकट की घड़ी को अवसर में बदलने की इजाजत किसी को नहीं देंगे। हर मरीज को यहां बेड डॉक्टर के सलाह पर ही दी जाएगी। बेड बेचने की आजादी किसी को नहीं दी जाएगी।

जब इस हंगामे की सूचना पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही मेदांता अस्पताल में स्थानीय ओरमांझी थाना की पुलिस और हुटुप टीओपी की पुलिस भी पहुंची है। पुलिस कर्मियों को भी मेदांता कर्मियों का गुस्सा झेलना पड़ा। लोगों ने कहा कि यह हमारा मामला है। इसमें पुलिस की हस्तक्षेप करने की जरूरत नहीं है।