झारखंड में अनाथ बच्चों की पहचान करने में जुटी हेंमत सरकार… ली सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी…

Share

झारखंड में कोरोना के वजह से राज्य में बहुत से ऐसे परिवार है जहां अपने माता-पिता को बच्चों ने खो दिया और अब अपनी जिंदगी के सबसे बुरे दौर से गुजर रहे हैं। इसे देखते हुए हेमंत सरकार डोर टू डोर सर्वेक्षण करके ऐसे परिवार के बच्चों की लिस्ट तैयार कर रही है जो कोरोना काल में अनाथ हुए हैं। झारखंड के कई ऐसे हिस्से हैं जहां बच्चों की तस्करी आम बात है ऐसे में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि जो बच्चे कोविड के कारण अनाथ हुए हैं उनकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की है।

जिन बच्चों ने अपने माता पिता को खो दिया वो उस दुख का सामना कर रहे जिसके बारे में शायद उन्हें कभी अंदाजा ही नहीं रहा होगा। गुमला के डीसीपीओ वेद प्रकाश का कहना है कि जो बच्चे कोरोना काल में अनाथ हुए हैं उनकी छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से मदद की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिले में अनाथ हुए बच्चों और कमजोर परिवारों की पहचान कर रहे हैं ताकि उन्हें समय पर मदद पहुचाई जाए। उन्होंने बताया कि एक 4 साल की बच्ची ने अपनी मां को खो दिया और अब वह राज्य सरकार के संरक्षण में हैं। बता दें कि पूरे देश में हजारों की संख्या में ऐसे परिवार हैं जहां बच्चों के सिर से माता पिता का साया उठ गया और अब उनके सामने इस बुरे दर्द के साथ जीवन जीने का संकट सामने आ गया है। सरकारें लगातार कोशिश करने में जुटी हैं ताकि ऐसे बच्चों को सारी सुविधाएं दी जाएं।

1 2 3 116
Facebook Comments Box