मधुपुर उपचुनाव में भाजपा ने गंगा नारायण सिंह को उतारा चुनावी समर में

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मधुपुर उपचुनाव सीट पर जहां झामुमो गठबंधन ने हफीज़ुल हसन को मैदान में उतारा है तो वहीं भाजपा ने ऐसे नेता को टिकट दिया है। जो 2019 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भाजपा के हारने का कारण बना था। कहने को भाजपा खुद को दुनिया का सबसे बड़ा राजनीतिक दल बताता है,लेकिन चुनाव लड़ने के लिए उसके पास खुद के नेताओं की कमी पड़ जाती है। इसीलिए वह चुनाव में उन नेताओं पर दांव लगाती है जो दूसरी पार्टी से आये हुए होते है। यही कुछ हाल है मधुपुर से भाजपा के मौजूदा प्रत्याशी गंगा नारायण सिंह का। आपको बता दें कि साल 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में इस सीट पर भाजपा को गंगा नारायण सिंह की वजह से ही हार का मुंह देखना पड़ा था। उस समय गंगा नारायण सिंह ने भाजपा प्रत्याशी राज पलिवार से मात्र 45000 वोट अधिक हासिल किए थे। जो कि भाजपा के हारने का सबब बना, परिणामस्वरूप मधुपुर सीट से तब झामुमो प्रत्याशी हाजी हुसैन अंसारी ने जीत हासिल की थी। गंगा नारायण सिंह को उम्मीदवार बनाने के पीछे की वजह भाजपा मधुपुर के जातीय और क्षेत्रीय समीकरण को बता रही है। लेकिन गौरतलब मुद्दा यह है कि मधुपुर में राज पलिवार को छोड़ गंगा नारायण सिंह पर दांव लगाना कहीं भाजपा को महंगा ना पड़ जाए,क्योंकि इस बार भी इस सीट से झामुमो गठबंधन ने स्व.हाजी हुसैन अंसारी के बेटे हफीज़ुल हसन को मैदान में उतारा है। जो कि इस सीट से पहले विधायक थे,अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा के इस स्टैंड पर राज पलिवार क्या रुख अपनाते हैं? अगर उन्होंने सरयू राय वाले तेवर अपनाए तो भाजपा को नुकसान हो सकता है।