11वीं से कहीं आपका रिश्ता तो नहीं….चेक कर लीजिए मार्कशीट….CBSE ने जारी की सख्त गाइडलाइन

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कोरोना महामारी के मद्देनजर बोर्ड परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं और अब रिजल्ट तैयार की जा रही है। स्कूली शिक्षा साक्षरता विभाग की एक रिपोर्ट के मुताबिक झारखंड एकेडमिक काउंसिल के नाम से मिलता जुलता 2 अन्य बोर्ड भी संचालित हो रहे हैं जो फर्जी हैं। फर्जी मार्कशीट जमा कर 11वीं में नामांकन लेने वाले विद्यार्थियों पर CBSE की गाज गिर सकती है। CBSE की पकड़ में ऐसे कई छात्र आए हैं, जो देश के अलग अलग स्कूलों में फर्जी रिजल्ट के आधार पर नामांकन पाने में सफल रहे हैं। ऐसे में अब CBSE इन छात्रों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर सकता है।

दरअसल रिजल्ट की तैयारी के दौरान CBSE की नजर में कई ऐसे छात्र आये हैं, जो देश के विभिन्न स्कूलों में फर्जी रिजल्ट के आधार पर एडमिशन पाने में सफल रहे थे। गौरतलब है कि सीबीएसई (CBSE) की ओर से 12वीं के रिजल्ट तैयार करने को लेकर बनाए गए फार्मूला के अनुसार कक्षा 10वीं और 12वीं के रिजल्ट को भी आधार बनाया गया है और लगातार मार्कशीट की जांच भी की जा रही है। जांच में ये पता चला कि झारखंड में वैसे दो बोर्ड के रिजल्ट से कई विद्यार्थियों ने सीबीएसई स्कूलों में एडमिशन लिया है, जिनको सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं है। दोनों बोर्ड को 2019 में ही फर्जी घोषित कर दिया गया था। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने सीबीएसई को जानकारी देते हुए कहा है कि झारखंड स्टेट ओपन स्कूल और झारखंड एकेडमिक ओपन बोर्ड झारखंड में मान्य नहीं हैं। वर्ष 2019 में ही विभाग की ओर से यह जानकारी सार्वजनिक किया गया है। इसके बावजूद राज्य के कुछ सीबीएसई स्कूलों ने इस बोर्ड के प्रमाण पत्रों के आधार पर बच्चों का नामांकन लिया है, जिसका रिजल्ट की तैयारी के दौरान खुलासा हो रहा है। CBSE द्वारा 12वीं बोर्ड रिजल्ट तैयार करने के लिए देशभर के स्कूलों को अब तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया गया है। CBSE ने पहले स्कूलों को 22 जुलाई तक रिजल्ट संबंधित कार्य पूरा करने को कहा था, हालांकि अब अब इसे बढ़ाकर 25 जुलाई कर दिया गया है। CBSE का कहना है कि समय पर 12वीं कक्षा का रिजल्ट देने के लिए स्कूल लगातार काम कर रहे हैं। स्कूलों पर बहुत अधिक वर्कलोड है जिसके कारण उन्हें अब अतिरिक्त समय प्रदान किया गया है।

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