जमशेदपुर में साइबर ठगों ने 30 दिनों में 11 लोगों को बनाया शिकार… नया तरीका आया सामने…

Share

झारखंड में साइबर ठगों ने ठगी का जाल बिछा रखा है। वहीं जमशेदपुर में बीते 30 दिनों में 11 लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया है। साइबर ठगों ने 11 लोगों से करीब 21 लाख रुपये की ठग लिया है। बताया जा रहा है कि ठगों ने खुद को बीएसएनएल का अधिकारी बता कर केवाइसी अपडेट करने का झांसा लोगों को देकर फांस लिया है। मेडिकल व्यवसाय से जुड़े लोगों से भी ठगी की। मानगो के एक पैथोलॉजी लैंब संचालक से संपर्क करके ठगी की है। जस्ट डायल पर मौजूद पैथोलॉजी लैब संचालक से संपर्क किया। खुद को सेना का जवान बताया और ग्रुप में शामिल जवानों की जांच कराने के नाम पर ठगी कर ली।

ठगों ने जमशेदपुर के मानगो के रहने वाले डाक्टर अरविंद कुमार की पैथोलॉजी सेंटर है। 17 मई को दोपहर दो बजे उनके मोबाइल नंबर 9102676169 पर 9678449811 से फोन आया। अपना नाम पंकज कुमार पांडेय और सेना का अधिकारी बताते हुए कहा कि सोनारी हवाई अड्डा पर 25 जवानों का रुटीन पैथोलॉजी चेकअप करना है। एंडवास रकम के तौर पर गूगल पर पेमेंट करने के लिए मोबाइल नंबर दिया। फोन करने वाले ने कहा वह आधी रकम पेमेंट कर दे रहा है। इसके लिए पहले पांच रुपये भेजे। उसने गूगल पे पर रिक्वेस्ट भेजा। उसे स्वीकार कर पासवर्ड डाला। तो खाता से पांच रुपये कट गया तो फोन करने वाले ने 10 रुपये भेज दिया। फिर उसे 4900 रुपये का रिक्वेस्ट भेजा। स्वीकार करते जैसे ही पासवर्ड डाला। खाते से पैसे कट गया। तब उसने कहा कि आप फिर से 25000 रुपये भेजे। पैसा नहीं मिला। आपके भेजते ही आपको पूरे रुपये मिल जाएंगे। जैसे मोबाइल पर रिक्वेस्ट आया। उसे स्वीकार किया। खाते से 74 हजार रुपये निकल गए।

इसके अलावा कदमा के रहने वाले अस्सी साल के रमेश प्रसाद शुक्ला की मोबाइल नंबर पर 22 मई की शाम छह बजे फोन आया। कॉल करने वाले ने कहा आपका सिम कार्ड जल्दी ही बंद हो जाएगा। 10 रुपये का रिचार्ज करा ले। इसके लिए मोबाइल पर एक लिंक भेजने की जानकारी दी। जैसे ही लिंक को क्लिक किया। कुछ समय बाद मोबाइल पर डेढ़ लाख रुपये निकासी का मैसेज आया। रमेश प्रसाद शुक्ला के अनुसार उनके मोबाइल नंबर पर 7486010911, 8515955765 और 9883903373 से अलग-अलग फोन आए थे। इनके अलावा नीलकंठ अपार्टमेंट मे रहने वाले पन्ना लाल मंडल और साकची शांति टावर के रहने वाले सुरोजित कुमार गुहा  के अलावा भी कई लोगों को साइबर अपराधियों ने अपने ठग का शिकार बनाया है।

1 2 3 104