झारखंड: पति-पत्नी के बीच महायुद्ध को डालसा ने दिया विराम… करा दी विदाई…

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धनबाद: पति पति पत्नी अगर नोक झोंक और लड़ाई ना हो परिवार का मजा ही नहीं, इसी नोकझोंक से आपसी प्रेम बढ़ता है। कभी-कभी नासमझी में विवाद इतना बढ़ जाता है कि कोर्ट कचहरी तक भी पहुंच जाता है। एैसे ही धनबाद का एक मामला सामने आया है जिसे शांति पूर्वक हल करा दिया गया । शादी के मात्र एक वर्ष बाद पति-पत्नी के रिश्ते में आई खटास डालसा ने शुक्रवार को दूर कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में डालसा के सचिव सह अवर न्यायधीश निताशा बारला ने दोनों को राजी खुशी से विदाई करवाई।मामूली विवाद को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद इतना गहरा हो गया था कि मामला कोर्ट कचहरी तक पहुंच गया था। पति-पत्नी ने एक-दूसरे के विरुद्ध बोकारो और धनबाद जिले में मुकदमा दर्ज कराया। दोनों चार वर्षों से कोर्ट का चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सह अवर न्यायाधीश निताशा बारला ने झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के आलोक में पति-पत्नी के बीच सुलह करा दिया। दोनों एक साथ कोर्ट से विदा हुए। इतना ही नहीं दोनों ने न्यायाधीश के समक्ष एक-दूसरे को माला पहनाया। न्यायाधीश बारला ने दोनों को सुखी दांपत्य जीवन व्यतीत करने की शुभकामना देते हुए उन्हें मिठाई भी भेंट की।

बलीडीह बोकारो निवासी राजेश रजवार की शादी वर्ष 2016 में तेलीपाड़ा की रहनेवाली लड़की के साथ हुई थी। दोनों को एक बच्चा भी है। इसी बीच दोनों के रिश्ते में खटास आ गई। राजेश की पत्नी ने धनबाद में उसके विरुद्ध दहेज प्रताड़ना और भरण पोषण का मुकदमा दर्ज करा दिया तो पति ने भी बोकारो में दांपत्य जीवन के पुन: स्थापना के लिए मुकदमा दर्ज कराया। धनबाद की अदालत ने राजेश को अपने पत्नी का भरण-पोषण के लिए मासिक रकम भुगतान करने का आदेश दिया। भरण-पोषण की राशि को कम करने के लिए राजेश ने हाईकोर्ट में अपील दायर की। हाईकोर्ट ने पति-पत्नी को बुला कर मध्यस्थता करायी। इसमें दोनों एक साथ रहने को राजी हुए। हाईकोर्ट ने पति-पत्नी को जिला विधिक सेवा प्राधिकार धनबाद के सचिव के समक्ष अपने बच्चे के साथ उपस्थित होने का आदेश दिया था।

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