326 अभ्यर्थियों का भविष्य ले डूबा JPSC.. मेरिट लिस्ट रद्द…6वीं JPSC की भर्ती में लगे थे 5 साल

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JPSC NEWS: सोमवार को झारखंड हाईकोर्ट ने 6वीं JPSC के मेरिट लिस्ट को रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने 326 अभ्यर्तियों की नियुक्ति को अवैध बताया है।  कोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा कि गलत तरीके से मेरिट लिस्ट में जोड़े गए क्वालिफाइंग मार्क्स हटाकर 8 हफ्ते में नई लिस्ट जारी करे JPSC। 6वीं JPSC के नतीजों की 6 याचिका हाईकोर्ट में दाखिल हुई थी। सोमवार को जस्टिस संजय द्विवेदी ने इसपर फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि मेरिस लिस्ट में क्वालिफाइंग पेपर हिंदी और अंग्रेजी के मार्क्स भी जोड़े गए, जो गलत है। कोर्ट ने कहा कि लोगों में विश्वसनीयता कायम रहे, इसलिए JPSC पर भी कार्रवाई जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि JPSC के जिन अधिकारियों ने मेरिस्ट लिस्ट बनाए उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जाए।

2020 में 6वीं JPSC का रिजल्ट जारी किया गया था। नतीजे आने के बाद इसे गलत बताते हुए 15 अलग-अलग याचिकाएं कोर्ट में दाखिए हुए थे। 9 याचिकाओं को खारिज करते हुए कोर्ट ने 6 याचिकाओं पर सुनवाई की। सभी पक्षों को सुनने के बाद 11 फरवरी को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट के आदेश के बाद JPSC के अधिवक्ता संजय पिपरवाल ने कहा कि सरकार हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगे। दावा किया कि मेरिट लिस्ट तय नियमों के मुताबिक ही बने हैं। बतादें कि 6वीं JPSC के लिए 5 साल में भर्तियां ली गई थीं। अब जब नतीजे आए 11 महीने हो चुके हैं तो कोर्ट ने मेरिट लिस्ट को अवैध बताते हुए रद्द कर दिया है। इसका सबसे ज्यादा असर उन 326 अभ्यर्तियों पर होगा जो अभी तक राज्य में किसी ना किसी पद पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

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