झारखंड में होगा साधु, भिखारी और कैदियों का वैक्सीनेशन… जानिए कैसे बिना पहचान पत्र के दिया जाएगा कोरोना वैक्सीन…

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झारखंड में साधु, भिखारी, वृद्धाश्रम में रहने वाले और खानाबदोश कि जिनकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है, उनका भी टीकाकरण किया जाएगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के निर्देश पर कोविड टीकाकरण के स्टेट नोडल अफसर ए डोडे ने राज्य के सभी सिविल सर्जन को इस बाबत निर्देश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि सभी लोगों का टीकाकरण आवश्यक है। खासकर वैसे लोगों की जिनके पास सरकार द्वारा निर्धारित सात प्रकार के पहचान पत्र नहीं हैं, उनका वेरीफिकेशन भी वैक्सिनेशन से पहले जरूरी है। ऐसे समूह के लोगों को संक्रमण का खतरा भी ज्यादा है, जिसके लिए उनके टीकाकरण को विशेष प्राथमिकता देने की जरूरत है। उन्होंने ऐसे लोगों के टीकाकरण की व्यवस्था विकसित करने का निर्देश दिया है।

डोडे ने कहा है कि जिला टास्कफोर्स अपने-अपने जिलों में ऐसे लोगों/समूहों की पहचान करेगा, जिनके पास पहचान पत्र नहीं हैं। इस कार्य में मायनोरिटी अफेयर्स, सोशल जस्टिस और सोशल वेलफेयर आदि डिपार्टमेंट का सहयोग लिया जा सकता है। उसके बाद हर समूह के लिए एक ही फैसिलिटेटर को चिह्नित किया जाए। फैसिलिटेटर के पास मोबाइल फोन नंबर और पहचान पत्र होना जरूरी है। जैसे कैदियों के लिए जेल के किसी पदाधिकारी को, जबकि वृद्धाश्रम के लिए वहां के सुपरिटेंडेंट को की फैसिलिटेटर बनाया जा सकता है। जिला टास्कफोर्स के द्वारा जिला नोडल अफसर को की फैसिलिटेटर की पहचान का दायित्व दिया जा सकता है। टीकाकरण के लिए लाभुकों द्वारा बताया गया नाम और उम्र ही वैध होगा। इसे की फैसिलिटेटर द्वारा वेरीफाई किया जाएगा। ऐसे समूहों को टीकाकरण केवल सरकारी टीकाकरण केंद्रों पर ही किया जाएगा। टीकाकरण केंद्र पर ही लाभुकों को प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा। श्री डोडे ने कहा इस पूरी व्यवस्था के लिए जिला नोडल अफसर व्यक्तिगत रूप से जिम्मेवार होंगे।

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