जवाहर नवोदय स्कूल में फर्जी एडमिशन मामला… 5 स्कूलों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर होगी कार्रवाई

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कोडरमा में एडमिशन को लेकर फर्जीवाड़ा का मामला सामने आने के बाद पांच सरकारी विद्यालयों के प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी है. इन प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर फर्जी तरीके से स्टूडेंट्स का स्कूलों में नामांकन करने का आरोप है. डीसी के निर्देश पर डीईओ ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है. संतोषजनक जवाब नहीं होने पर एफआईआर की कार्रवाई की बात कही गयी है.

जिन प्रभारी प्रधानाध्यापकों पर कार्रवाई की तैयारी है उसमें चंदवारा प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विधालय बेलखारा के प्रभारी प्रधानाध्यापक ब्रह्मदेव राम, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय गुड्डूटांड के बालबोध पांडेय, उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय सिकन्द्री के सिकंदर भुइयां, नव प्राथमिक विद्यालय झराही के पप्पू कुमार व उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय कझियाडीह के पवन कुमार के नाम शामिल हैं. बताया जा रहा है कि मामला संज्ञान में आने के बाद डीसी आदित्य रंजन ने जांच कमेटी का गठन कर जांच का निर्देश दिया था. जांच के दौरान उक्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों पर JNV में कक्षा छह के प्रवेश परीक्षा 2020 में छात्र-छात्राओं का फर्जी नामांकन कर फॉर्म भरवाने का मामला सही पाया गया. इतना ही नहीं, जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उक्त विद्यालयों से जेएनवी प्रवेश परीक्षा में जो छात्र-छात्राएं सफल हुए उनके कागजातों पर इन प्रधानाध्यापकों के द्वारा बीईईओ व डीईओ का फर्जी हस्ताक्षर कर जवाहर नवोदय विद्यालय में उपलब्ध कराया गया. कमेटी के द्वारा सौंपी गयी अपनी रिपोर्ट में फर्जी टीसी व पदाधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर होने की पुष्टि करते हुए आरोपी प्रधानाध्यापकों पर प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की गयी है. इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने कार्रवाई के पूर्व आरोपी प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया है. इसके आलोक में डीईओ ने सभी से स्पष्टीकरण मांगा है. संतोषजनक जवाब नहीं होने पर एफआईआर की कार्रवाई होगी. इधर, एक निजी विद्यालय की लापरवाही से 9 विद्यार्थी जवाहर नवोदय विद्यालय में नामांकन से वंचित रह गये. डीईओ अलका जायसवाल ने बताया कि जेएनवी के वर्ग छह की प्रवेश परीक्षा 2021 में कोडरमा प्रखंड के लोहासीकड़ स्थित संस्कार इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल से 9 छात्र-छात्राएं चयनित हुए थे, पर निर्धारित अवधि में उक्त विद्यालय को मान्यता नहीं रहने के कारण उक्त विद्यालय से चयनित 9 छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित रह गये.

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