लोहरदगा में साइबर ठगों ने न लिंक भेजा, न मांगी ओटीपी और बैंक से उड़ा लिये तीन लाख…

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लोहरदगा में पुलिस ने साइबर अपराधियों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसके शातिर अपराधी न तो लिंक भेजा और न ओटीपी मांगी और कुछ ही दिनों में पीड़ितों के खाते से तीन लाख 27 हजार रुपये उड़ा लिए। दरअसल ये अपराधी अंगूठे का फिंगरप्रिंट कॉपी करके रबर स्टांप बनाते थे और फिर बायोमैट्रिक्स के जरिए लोगों के बैंक खाते से पैसे उड़ा लेते थे। इस गिरोह ने लाखों रुपये लोगों के बैंक खाते से उड़ाए हैं। इस मामले में पुलिस ने 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

बताया जा रहा है कि लोहरदगा में पुलिस के पास बैंक खाते से पैसे उड़ा लेने के दो मामले आए थे। इसमें से एक पुराना मामला था, जिसकी जांच हो रही थी। जबकि एक ऐसा ही नया मामला सामने आया। आरोपी ना तो फोन इस्तेमाल करते हैं। न ही शिकार बने लोगों को कोई कॉल आया। ना ही किसी ने ओटीपी या पासवर्ड पूछा। और तो और पीड़ितों ने किसी को अपना मोबाइल नंबर, अकाउंट नंबर, आधार नंबर नहीं बताया। ना ही किसी लिंक पर क्लिक किया। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि ग्राहक जब प्रज्ञा केंद्र में अपने बैंक खाते में राशि का पता लगाने के लिए पहुंचते थे तो अपराधियों की ओर से उनकी पूरी डिटेल दर्ज कर ली जाती थी। इसके बाद अपराधी लाभुक के घर पर किसी बहाने से पहुंचते थे। सरकारी योजनाओं का लालच देते थे और संबंधित व्यक्ति से डिजिटल मशीन में अंगूठे का निशान ले लेते थे और बैंक खाते को ऑपरेट करने के लिए आधार कार्ड संख्या भी लेते थे। अपराधी ग्राहकों के अंगूठे के निशान रबड़ स्टांप पर बनाकर उससे बैंक खाते से पैसे निकाल लेते थे। इस प्रकार के 33 रबर स्टांप (अंगूठे के निशान) पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किए हैं। साथ ही दो लैपटॉप और अन्य सामान भी बरामद किए हैं। पुलिस ने इस मामले में प्रज्ञा केंद्र के संचालक और रबर स्टांप बनाने वाले व्यक्ति सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

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