मनरेगा मजदूर ने खेत में बैठकर कमाया 40 लाख… जानिए कैसे देता था लोगों को झांसा…

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साइबर पुलिस ने निरसा भागाबांध से दो साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। आपको बता दें कि मनरेगा में मजदूरी करनेवाला रघुनाथ पैसों के लालच में साइबर ठग बन गया। और उसने 2018 से अब तक लोगों को झांसा देकर लगभग 40 लाख रुपए कमा लिए। रघुनाथ से प्रभावित होकर उसका दोस्त बीरबल दत्ता भी साइबर अपराध से जुड़ा और महज डेढ़-दो साल में 10 लाख रुपए की कमाई कर ली। रघुनाथ और बीरबल के खिलाफ साइबर थाना धनबाद में ठगी की प्राथमिकी दर्ज कर बुधवार को उन्हें जेल भेजा गया। 

बताया जो रहा है कि साइबर डीएसपी सुमित सौरभ लकड़ा को खबर मिला था कि निरसा के भागाबांध के कुछ लड़के फोन पर लोगों को झांसा देकर साइबर ठगी कर रहें हैं। साइबर थाना प्रभारी नवीन कुमार राय ने आरोपियों को पकड़ने के लिए एक टीम बनाया। साइबर के प्रशिक्षु दारोगा जयदीप भगत और निरसा थाना प्रभारी सुभाष कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने रघुनाथ और बीरबल के घरों में दबिश दी।

पुलिस से बचने के लिए बीरबल अपनी छत से कूद कर भागने लगा लेकिन पुलिस ने उसे खदेड़ कर दबोच लिया। दोनों के पास से दो-दो मोबाइल जब्त किए गए, जिसमें साइबर ठगी के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। पुलिस टीम ने वहीं रहने वाले दुलाल साहनी के घर पर भी छापेमारी की लेकिन वह घर पर नहीं मिला। गिरफ्तार आरोपियों ने साइबर ठगी से जुड़े अपने आठ-नौ सहयोगियों के नामों का खुलासा किया है।

रघुनाथ और बीरबल ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि वे लोग जंगल और खेत में बैठ कर सीरियल मोबाइल नंबरों पर फोन कर, लोगों को खाता और एटीएम बंद होने का झांसा देकर उनके एटीएम कार्ड की जानकारी लेते थे। जानकारी हासिल कर विभिन्न एप के माध्यम से रुपए उड़ा लेते थे। वे लोग पुलिस को गुमराह करने के लिए ठगी की रकम से अमेजन का गिफ्ट कार्ड कोड हासिल करते थे। गिफ्ट कार्ड कोड को वे लोग लखनऊ निवासी अमेजन कंपनी के कर्मी आदर्श काडिया को वाट्सएप पर भेजते थे। काडिया इसे रुपयों में तब्दील करता था।

अमेजन का कथित कर्मी आदर्श काडिया कोड को रुपयों में बदल कर रंगामटिया का रहने वाला सलीमुद्दीन अंसारी के खाते में भेज देता था। सलीमुद्दीन एटीएम से रुपए निकाल कर रघुनाथ और बीरबल तक पहुंचाता था। आदर्श और सलीमुद्दीन का 10-10 प्रतिशत कमीशन तय था। दोनों ने पुलिस को बताया कि साइबर ठगी के इस संगठित धंधे में उनके ही गांव के लखन साहनी, शत्रुघ्न साहनी, विश्वजीत साहनी, साधन दे, नारद दत्ता शामिल थे। सहयोगी के रूप में रघुनाथ ने रंगामटिया का जाकिर असांरी उर्फ जमार, निरसा के माइकल और अफजल का भी नाम पुलिस के समक्ष खोला है। पुलिस सभी आरोपियों के सत्यापन में जुटी है।

मैट्रिक फेल रघुनाथ साहनी ने पुलिस को बताया कि साइबर अपराध से हुई कमाई से उसने अपनी बहन की शादी की। इसी पैसे से बाइक खरीदी और घर की मरम्मत करायी। दूसरे के खाते में डाका डाल कर वह दोस्तों के साथ पार्टी और मौज-मस्ती भी करता था। आठवीं पास बीरबल ने इस कमाई से अपने घर में बोरिंग कराया। 

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