सांसदों को सस्ता खाना मिलना चाहिए की नहीं?

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सांसदों को संसद में मिलने वाले खाने पर सब्सिडी पर कोरोना का ग्रहण लग गया है। 29 जनवरी से शुरू होने जा रहे सांसद के बजट सत्र में सांसदों का सस्ता खाना नहीं मिलेगा। संसद की कार्यवाही में शामिल होने से पहले सांसद को अपना कोरोना टेस्ट कराना होगा, साथ ही संसद की कार्यवाही में शामिल होने से पहले उन्हें अपनी आरटीपीआर रिपोर्ट भी साथ लानी होगी।

कोरोना का असर संसद की कार्यवाही पर भी देखने को मिलेगा

Credit: OneIndia

कोरोना के चलते दोनों सदन की कार्यवाही के वक्त में भी बदलाव किया गया है, राज्यसभा की कार्यवाही जहां सुबह 9 बजे शुरू होकर दोपहर 12 बोजे तक चलेगी, तो वहीं लोकसभा की कार्यवाही शाम चार बजे से रात 9 बजे तक चलेगी , ऐसा इसलिए किया जा रहा है कि संसद में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा सके, साथ ही कार्यवाही के दौरान दोनों सदनों में सांसदों को बैठाने पर

सांसदों को कोविड गाइडलाइन का पालन करना होगा

लेकिन किसान आंदोलन को देखते हुए संसद में हंगामे के पूरे आसार है।  बता दें कि 25 दिसंबर को जब पीएम मोदी पूर्व प्रधानमंत्री मंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर सांसदों के साथ संसद के सैंट्रल हॉल पहुंचे थे, तो आप सांसदों ने किसान आंदोलन के समर्थन  में जबरदस्त नारेबाजी की थी।

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