गढ़वा में जमीन विवाद में भतीजे ने चाचा की हत्या की…20 साल से 18 एकड़ जमीन पर विवाद था

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गढ़वा : किसी ने सही कहा है “ना बाप बड़ा ना भैया सबसे बड़ा रुपैया” इसकी एक मिसाल पेश करता केस सामने आया है जिसमें भतीजे द्वारा चाचा की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई. मामला गढ़वा जिले के रमकंडा थाना क्षेत्र का है जहां पर जमीनी विवाद के चलते भतीजे द्वारा अपने ही चाचा को गोली मारकर दिनदहाड़े हत्या कर दी गई है. विवादित भूमि से मृतक गोपाल सिंह द्वारा तिल की फसल काटकर अपने घर लाया जा रहा था और उसी समय भतीजे द्वारा उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई. आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तलाश जारी है. इसके लिए कई जगह छापेमारी भी की गई है. बताया जा रहा है इससे पहले भी आरोपियों ने मृतक पर हमला किया था लेकिन वह बच गए थे.

जानकारी के अनुसार एक पक्ष के सभी आरोपी व दूसरे पक्ष के मृतक का परिवार के बीच पिछले 20 वर्षों से 18 एकड़ भूमि का विवाद चल रहा है. विवादित भूमि से ही शुक्रवार को मृतक सहित उसके परिजनों ने तिल की फसल कटाई कर घर लाया था. फसल कटाई कर नहाने के बाद मृतक घर के समीप मिडिल स्कूल के निर्माणाधीन भवन में संचालित होटल में नाश्ता करने गया था. इसी दौरान पहले से घात लगाकर बैठे भतीजों ने लौटने के दौरान उसकी निर्मम हत्या कर दी. ग्रामीणों ने बताया कि इसी वर्ष आसाढ़ महीने में गोपाल ने विवादित भूमि पर धान का बिचड़ा लगाया था. जिसे दूसरे पक्ष के उसके भतीजों ने मिलकर दुबारा जोत कर बिचड़ा बर्बाद कर दिया था. विवादित भूमि से तिल की फसल कटाई कर घर लाने के कारण आगबबूला हुए भतीजों ने उसकी हत्या कर दी. इस घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं गांव का माहौल गमगीन हो गया है. गांव की सड़कें सुनसान हैं. भय से मिठाई की दुकान भी बंद कर दी गयी है.

अपने गोतिया के साथ पिछले 20 वर्षों से चल रहे इसी 18 एकड़ जमीन विवाद के मामले में खेत जुताई को लेकर दूसरे पक्ष के आरोपियों ने करीब सात वर्ष पूर्व मृतक गोपाल की हत्या किये जाने के उद्देश्य से धारदार हथियार(टांगी)से हमला किया था, लेकिन उस हमला में मृतक बचकर भागने में सफल हो गया था. हालांकि उसके चेहरे पर टांगी का गहरा जख्म हुआ था. जानकारी के अनुसार हत्याकांड का मुख्य आरोपियों में एक शोभनाथ सिंह पिछले पंचायत चुनाव में मुखिया प्रत्याशी रह चुका है. इस दौरान उसने राजनीतिक साजिश रचकर स्वयं का अपहरण करवाया था, ताकि पंचायत चुनाव को प्रभावित किया जा सके.

जानकारी के अनुसार मृतक गोपाल सिंह ग्रामीण क्षेत्रों में घूमघूम कर देसी चिकित्सक का भी काम करता था. ग्रामीण बताते हैं कि देसी चिकित्सक की कमाई से ही वह अपने तीन बेटा व दो बेटियों का भरण पोषण करता था. ग्रामीणों ने बताया कि उसकी हत्या से ग्रामीणों में भी शोक है. चूंकि वैश्विक महामारी कोरोना के दौरान गांव में बीमार पड़े सैकड़ों लोगों का इलाज कर उसने जान बचायी थी. वहीं अभी भी गांव में दर्जनों बीमार लोगों का इलाज यहीं से चल रहा था. इस पूरे मामले में रमकंडा पुलिस ने पांच लोगों पर कांड संख्या 54/21 के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज की है. इनमें मृतक का भाई हरहे गांव निवासी सुदामा सिंह, भतीजा शोभनाथ सिंह, सत्यानंद सिंह, झमन सिंह व इसका पुत्र शिवसागर सिंह के नाम शामिल है. पुलिस इनकी गिरफ्तारी के लिये उनके संभावित ठिकानों पर छापामारी कर रही है.

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