पंजाब नेशनल बैंक लॉकर ब्रेक कांड के राज से उठा पर्दा… ब्रांच मैनेजर, डिप्टी मैनेजर समेत 13 गिरफ्तार

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पलामू पंजाब नेशनल बैंक (UBI) के डालटनगंज शाखा में हुए लॉकर ब्रेक कांड का पलामू पुलिस ने पूरी तरह से खुलासा कर दिया है| पूरे मामले में पुलिस ने शाखा प्रबंधक गंधर्व, डिप्टी मैनेजर प्रशांत कुमार समेत पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है| गिरफ्तार आरोपियों में बैंक के अधिकारी बैंक का दैनिक कर्मी मो. कलाम भी शामिल है जो मुख्य आरोपी प्रशांत के कहने पर लॉकर की चाबी सुरक्षित स्थान पर नहीं रखकर प्रशांत द्वारा बताये हुए स्थान पर रख देता था| इसके साथ ही बैंक के पूर्व कर्मी मनोज सिंह चेरो को भी आरोपी बनाया गया है, जो फरार चल रहा है| मनोज सिंह चेरो ने ही डिप्टी मैनेजर प्रशांत को लॉकर का डुप्लिकेट चाबी बनाने वाले मकबुल अंसारी से मिलवाया था, पुलिस ने मकबुल अंसारी को भी गिरफ्तार कर लिया है|

मकबुल ने बताया की उसे एक लॉकर का चाबी बनाने के लिए 10 हजार रूपए मिलता था| इसके अलावा लॉकर संख्या 23, 24, 28, 46, 53, 54 और 72 में चोरी किए गए जेवरात को पिन्टु सोनी, रिशु चंद्रवंशी और राजेश गुप्ता के सहयोग से स्वर्ण कारोबारी कपिल सोनी, जितेन्द्र सोनी, मोहित सोनी, शिवम सोनी, जमीन कारोबारी मो. वसीम और कारोबारी रवि खत्री के पास गहने का गिरवी रखा गया.. इन सभी के पास से 748 ग्राम सोना और 2150 ग्राम चांदी का आभूषण बरामद कर लिया गया है| इसके साथ ही पिन्टु सोनी और कपिल सोनी ने डालटनगंज के ICICI बैंक में भी 647 ग्राम सोना का आभूषण रखकर गोल्ड लोन लिया था, जिसको लेकर पलामू पुलिस ने बैंक को पत्र लिखकर लोन एकाउंट का फ्रिज करा दिया है| इस पूरे मामले में ब्रांच मैनेजर गंदर्भ कुमार, डिप्टी ब्रांच मैनेजर प्रशांत कुमार, पूर्व बैंककर्मी मनोज सिंह चेरो, बैंककर्मी कलाम, चाबी बनाने वाले मकबुल अंसारी, कारोबारी पिंटू सोनी, कपिल सोनी, जितेन्द्र सोनी, मोहित सोनी, शिवम सोनी, राजेश गुप्ता, मो. वसीम, रवि खत्री के साथ-साथ मास्टरमाईंड डिप्टी ब्रांच मैनेजर प्रशांत कुमार को कार से सेवा देने वाले अब्दुला अंसारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है|

फरवरी से ही चल रहा है सेंधमारी का खेल

पलामू एसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि पंजाब नेशनल बैंक (UBI) के डालटनगंज शाखा के लॉकर से पहली बार फरवरी महीने में ही सेंध लगाई गई थी| उस दौरान 2 ग्राहक गुरजीत सिंह के लॉकर संख्या – 88 और प्रोफेशर एनएन तिवारी के लॉकर संख्या- 18 से जेवर की चोरी की गई थी लेकिन पूरे मामले को ब्रांच मैनेजर गंदर्भ के सहयोग से डिप्टी मैनेजर प्रशांत कुमार ने पूरे मामले को मैनेज कर लिया| उसके बाद भी सेंधमारी का खेल नहीं रूका और डिप्टी मैनेजर ने छुट्टी के दिन का उपयोग करते हुए 7 अन्य बैंक के लॉकर से जेवरात को गायब कर दिया| एसपी ने बताया कि डिप्टी मैनेजर के मुताबिक अबतक 09 लॉकर से जेवरात को गायब किया था, जिसमें 2 लोगों को मैनेज कर लिया गया था| पुलिस और मजिस्ट्रेट के सामने अबतक 5 लॉकर ही खुल सका है, 2 लॉकर के मालिक के बाहर रहने के कारण उनके लॉकर को नहीं खोला जा सका है|

कर्ज चुकाने के लिए प्रशांत को मिल रही थी धमकी

लॉकर ब्रेक कांड के मुख्य आरोपी डिप्टी मैनेजर प्रशांत कुमार का कहना है की उसने शराब के धंधा के लिए अपने मित्र जो कामडारा शाखा में कार्यरत है, उसके भाई से कर्ज के रूप में लगभग 40 लाख रुपए लिया था, कारोबार में नुकसान होने के कारण वह कर्ज नहीं भर सका जिसके कारण कर्ज देने वाले शख्स जो की इंटक का नेता है वो प्रशांत के घर पर आकर जान से मारने की धमकी दे रहा था| कई बार उसने प्रशांत के सीने पर बंदूक रखकर भी धमकी दी जिसके कारण वो काफी डरा हुआ था| इसी बीच साथी बैंककर्मी मनोज सिहं चेरो से उसकी बातचीत हुई जिसने यूपी के अखबार में लॉकर से चोरी करने के तरीका प्रशांत के साथ सांझा किया, जिसके बाद से ही प्रशांत ने प्लानिंग के तहत उसने बैंक के लॉकर से चोरी शुरू किया|

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