झारखंड में स्थानीय नीति में बदलाव की तैयारी… जाने अब किसे मिलेगी थर्ड और फोर्थ ग्रेड की नौकरी…

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राज्य सरकार थर्ड-फोर्थ ग्रेड की नौकरियां राज्य में रहने वालों के लिए सुरक्षित रखने की कोशिश में है। इसके लिए स्थानीय नीति में बदलाव होने वाला है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग की तरफ से झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा (मैट्रिक-इंटरमीडीएट स्तर) संचालन नियमावली 2015 में संशोधन किया जा रहा है। नयी नियमावली के तहत अब झारखंड राज्य में मैट्रिक और इंटर स्तर की नियुक्तियों के लिए वे ही अप्लाई कर सकेंगे, जिन्होंने झारखंड से मैट्रिक और इंटर दोनों परीक्षाएं पास की हैं। कार्मिक विभाग की तरफ से नियमावली संशोधन का काम तेजी से किया जा रहा है।

फिलहाल इस पर मंथन चल रहा है कि झारखंड के वैसे मूल निवासी, जिनके बच्चों ने मैट्रिक-इंटर की परीक्षा दूसरे राज्यों से पास की हो, उनके लिए क्या प्रावधान किए जाएं। किसी प्रावधान के कारण वे वंचित तो नहीं रह जाएंगे, इस पर भी विचार चल रहा है। वहीं आरक्षण और उम्र सीमा में छूट उन्हें ही दी जायेगी, जो झारखंड के स्थानीय निवासी होंगे। चूंकि नयी सरकार ने पुरानी सरकार की स्थानीय नीति को अभी रद्द नहीं किया है, ऐसे में राज्य में जो स्थानीय नीति लागू है, उसके मुताबिक ही काम होगा। थर्ड-फोर्थ ग्रेड की नियुक्तियों के लिए रघुवर दास के कार्यकाल में 2015 में परीक्षा संचालन नियमावली बनी थी। 2016 में स्थानीयता की परिभाषा तय हुई। इसके मुताबिक जिसका जन्म और 10वीं तक की पढ़ाई झारखंड में हुई हो, आगे भी यहां रहने के लिए अचल संपत्ति अर्जित कर ली हो, वही स्थानीय माने जाएंगे। वे ही यहां नौकरी के लिए अभ्यर्थी हो सकते हैं। तब परीक्षा संचालन नियमावली में इसका उल्लेख नहीं था कि थर्ड-फोर्थ ग्रेड की नौकरियों के लिए कहां से मैट्रिक-इंटर पास करना है। इसीलिए नियमावली में संशोधन हो रहा है। गौरतलब है कि झारखंड सरकार ने वर्ष 2021 को नियुक्ति वर्ष घोषित कर रखा है। रिक्त पदो पर नियुक्ति की तैयारी चल रही है।

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