राज्यसभा चुनाव मामले में बढ़ी रघुवर दास की मुश्किलें… कहा, ‘चैन से नहीं रह पाएगें वो

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राज्य सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, एडीजी अनुराग गुप्ता और पूर्व सीएम के सलाहकार अजय कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोध के तहत मुकदमा चलाए जाने को मंज़ूरी दे दी है। राज्य के गृह विभाग ने प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत केस चलाने का आदेश पुलिस को सौंपा है। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास के खिलाफ कुछ और धाराएं जोड़ने वाले अधिकारियों को इशारे में धमकी देते हुए कहा ‘यहां कुछ भी शाश्वत नहीं है। जो अफसर सोच रहे हैं कि अभी गंदगी फैलाकर बाद में आराम से रह सकेंगे, वो भुलावे में न रहें। जो गलत करेगा, भविष्य में चैन से नहीं रह पाएगा।’

बता दें यह मामला 2016 का है। बाबूलाल मरांडी ने एक वीडियो जारी किया था, जिसमें रघुवर दास तत्कालीन विधायक योगेंद्र साव के घर पर दिखाई दिए थे। बताया जा रहा है कि जगन्नाथपुर पुलिस ने तत्कालीन विधायक निर्मला देवी और योगेंद्र साव के हवाले से कहा था कि रघुवर दास ने उन्हें चुनाव के दौरान वोट ने देने के बदले में पांच करोड़ रुपये देने का लालच दिया था। इस मामले में निर्मला देवी व अन्य के बयानों के आधार पर रघुवर दास को अप्राथमिक आरोपी बनाया गया है। इस केस की समीक्षा जब 2021 में की जा रही थी, तब पाया गया कि चुनाव आयोग ने 2017 और 2018 के कुछ पत्रों में कथित तौर पर मुख्य सचिव से आईपीसी की धाराओं के साथ ही एंटी करप्शन एक्ट के तहत एक्शन की बात भी कही थी। इसी के आधार पर समीक्षा करने वाले सीआईडी एडीजी अनिल पालटा ने एक्ट की संगत धाराएं जोड़ने को कहा था। इस बारे में गृह विभाग से इजाज़त मांगी गई थी, जिस पर मंज़ूरी मिल गई और इसी पर दास ने रोष व्यक्त किय।

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