रामगढ़ में छेड़खानी की कीमत एक लाख… आदिवासी पंचायत ने दी सजा

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रामगढ़ के धावाटांड़ गांव में ठाड़ीहाट पंचायत के मरनाडीह गांव के एक युवक पर छेड़खानी का आरोप लगाते हुए उसके चाचा मुरारी कापरी से एक लाख नगद जुर्माना वसूला। शुक्रवार की रात भर चली पंचायती में शनिवार की सुबह लगभग चार बजे मामले में फैसला हुआ। बताया जा रहा है कि धावाटांड़ गांव के एक नाबालिग ठाड़ीहाट ट्यूशन पढ़ने जाती थी। इस दौरान प्रमोद कापरी अक्सर नाबालिक छेड़ा करता था। इसको लेकर ट्यूशन के शिक्षक ने भी कई बार युवक को समझाया था। शुक्रवार को भी नाबालिक लगभग 10 बजे ठाड़ीहाट से ट्यूशन पढ़कर अपने घर लौट रही थी। तभी प्रमोद ने नाबालिक का साइकिल रोक कर उसका हाथ पकड़ लिया। इसके बाद नाबालिक युवक से पीछा छुड़ाकर अपने गांव पहुंची और घरवाले को सारी बात बता दी। घरवाले ने घटना की जानकारी पूरे गांव वाले को दी। शुक्रवार को संध्या चार बजे गांव के दर्जनों लोग बाइक पर सवार होकर युवक के घर उसे ढूंढने पहुंचे। लेकिन युवक प्रमोद कापरी अपने घर में नहीं था। इसके बाद सभी ग्रामीण युवक के चाचा मुरारी कापरी के दुकान पर पहुंचे। और मुरारी कापरी से मारपीट करना शुरू कर दिया। मारपीट करते हुए उसे जबरन अपनी बाइक पर बैठाकर गांव ले जाकर एक कमरे में बंद कर दिया। आदिवासी समुदाय के सैकड़ों लोग जमा होने लगे। किसी ने पुलिस को भी सूचित कर दिया। पुलिस भी गांव के आसपास पहुंचकर मामले की जानकारी ली। लेकिन ग्रामीण गांव में प्रवेश करने के मार्ग पर बैरियर लगा दिया ताकि गांव में कोई भी बाहरी लोग प्रवेश नहीं कर पाए। समझौता के लिए केवल चार लोगों को गांव में प्रवेश करने की अनुमति दी गई। जिसमें गांव के ग्राम प्रधान, बरमसिया पंचायत के मुखिया, ठाड़ीहाट तथा कुशियाम गांव का एक-एक व्यक्ति शामिल है। काठीकुंड प्रखंड से भी कई लोग पहुंच गए। सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण के जुट जाने के कारण रात 10 बजे से खुले मैदान में पंचायती का दौर चला। ग्रामीणों तो पहले युवक प्रमोद कापरी को मौके पर बुलाने की मांग कर रहे थे। इसके बाद समझौता के तौर पर ग्रामीणों ने 11 लाख रुपया जुर्माना मांगा। पंचायती करते-करते सुबह चार बज गए। आखिरकार एक लाख में मामला तय हुआ। इसके बाद ग्रामीणों ने मुरारी कापरी का मोबाइल देते हुए उसे रिहा कर दिया।

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