रेमडेसिविर की कालाबाजारी: शर्म है कि इन्हें आते नहीं…18 हजार में बेच रहे थे एक इंजेक्शन

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कोरोना की संकट घड़ी में जहां बेड, ऑक्सीजन के साथ लोगों को जरूरी जवाइयों की दिक्कत हो रही है। वहीं आपदा में अवसर बनाने वाले कोरोना के इलाज में काम आने वाली दवा रेमडेसिविर की कालाबाजीर में लगे हैं। आपदा की इस घड़ी में पैसे कमाने में लगे हैं। लेकिन उन्हें याद रखना होगा कि आज वो इस संकट का फायदा उठा रहे हैं, कल उनके संकट में कोई मदद को सामने नहीं आएगा। कोरोना काल में जहां कुछ लोग एक दूसरी की मदद कर रहे हैं वहीं कुछ लोग लोगों की तकलीफ का फायदा उठाने में लगे हैं।

झारखंड की रांची पुलिस ने रेमडेसिविर की कालाबाजी करने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से रेमडेसिविर के 40 इंजेक्शन बरामद हुए हैं। आरोपी 72 हजार में 4 रेमडेसिविर इंजेक्शन यानी 18 हजार में एक इंजेक्शन बेच कर कालाबाजारी कर रहे थे। जबकि एक रेमडेसिविर इंजेक्शन की बाजार में सामान्य कीमत 4 से 5 हजार रुपए ही है।

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