प्यार के आगे झुक गई बंदूक… प्रेमिका के लिए 25 लाख के ईनामी नक्सली ने किया सरेंडर…हत्या जैसे संगीन मामलों का है आरोपी

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पलामू: 25 लाख के ईनामी नक्सली विमल उर्फ राधे श्याम यादव ने पुलिस के सामने सरेंडर कर तिया है. नक्सली राधे श्याव यादव ने पुलिस के सामने रांची में आत्मसमर्पण किया. उसके सरेंडर के बाद सुरक्षा एजेंसिया उससे पूछताछ में लगी है. विमल यादव बिहार के जहानाबाद का रहने वाला है. नक्सलियों के टॉप कमांडर अरविंद उर्फ देवकुमार सिंह की मौत के बाद बूढ़ा पहाड़ के इलाके में विमल यादव माओवादियों का सबसे मजबूत कमांडर था. अरविंद की मौत के बाद सुधाकरण को बूढ़ा पहाड़ का कमांडर बनाया गया था. बाद में सुधाकरण ने तेलंगाना में सरेंडर कर दिया था. इसके बाद विमल ने बूढ़ा पहाड़ की कमान संभाली थी.

कहते हैं कि इश्क के आगे इंसान को अपनी जान से प्यार होने लगता है. बताया जा रहा है कि विमल उर्फ राधे श्याम यादव को एक लड़की से प्यार हो गया. नक्सलियों को जब इसकी खबर लगी तो बूढ़ा पहाड़ की कमान मिथिलेश मेहता को दी गई. इसके बाद विमल यादव का कद बूढ़ा पहाड़ के इलाके में कम हो गया था. उधर प्यार के आगे झुककर विमल यादव कुछ दिनों पहले ही बूढ़ा पहाड़ के इलाके से हथियार के साथ भाग गया था और आत्मसमर्पण की कोशिश कर रहा था. मौका मिलते ही विमल यादव ने छत्तीसगढ़ के पिपरढ़ाब की रहने वाली अपनी प्रेमिका के साथ विमल यादव ने रांची में सरेंडर कर दिया.

माओवादियों ने साल 2013-14 से बूढ़ा पहाड़ के इलाके को अपना यूनिफाइड कमांड बनाया था. इसके बाद से ही विमल यादव बूढ़ा पहाड़ इलाके में सक्रिय हो गया. पलामू, गढ़वा और लातेहार जिले में विमल यादव के खिलाफ नक्सली हमले, हत्या जैसे 3 दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं. साल 2011 में लातेहार में चतरा सांसद के काफिले पर हुए हमले में 11 जवान शहीद हुए थे.  इस हमले का नेतृत्व भी विमल यादव ही कर रहा था. 2012-13 में कटिया हमला में 17 जवान शहीद हुए थे. 2013-14 में ही गढ़वा के भंडरिया थाना प्रभारी पर हमला हुआ था जिसमें थाना प्रभारी सहित 12 जवान शहीद हो गए थे. इन सभी हमलों का मास्टरमाईंड विमल यादव ही है. 2018-19 में बूढ़ा पहाड़ के इलाके में हमला हुआ था, जिसमें 6 जवान शहीद हुए थे, इस हमले का भी आरोप राधे श्याम यादव पर है.

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