जहां अपनों ने साथ छोड़ा वहां आगे आए अंचलाधिकारी अरविंद ओझा..

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कोरोना संक्रमण के वजह से जहां लोग खोफजदा एक दूसरे की मदद करने से कतरा रहें है। वहीं आज भी कुछ ऐसे लोग हैं जो खुद की फिक्र किए बगैर लोगों की सेवा में जुटे हुए हैं। कोरोना से मरने वाले लोगों को अंतिम संस्कार के लिए अरगोड़ा के अंचला अधिकारी अरविंद कुमार ओझा आगे आए है ताकि मृतक के परिजनों को किसी तरह की परेशानी न हो सके।

रांची में मृतकों के परिवार वालों को हर सुविधा मुहैया कराने के लिए अरगोड़ा के अंचलाधिकारी जी जान से लगे हुए हैं, जबकि अंचला अधिकारी अरविंद कुमार ओझा का एक सिक्योरिटी गार्ड, चपरासी और एक स्टाफ संक्रमित हैं। आपको बता दें कि उनकी सरकारी गाड़ी के ड्राइवर की कोरोना से हालत खराब हो गई है। जिस वजह से उन्हें ड्राइवर मुहैया नहीं हो पाया है लेकिन कोरोना के कहर ने अंचलाधिकारी का जुनून नहीं तोड़ा है। अंचलाधिकारी ड्राइवर के संक्रमित होने के बाद खुद वाहन चलाकर घाघरा मुक्तिधाम पहुंच रहे हैं और मृतकों का अंतिम संस्कार कराने के लिए आगे आ रहे हैं।

अंचलाधिकारी अरविंद कुमार ओझा का कहना है कि कोरोना काल में जिस तरह से लोगों की मौत हो रहीं हैं वह निश्चित रूप से दुखदाई है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम अपनी कमियां, खामियां और सुविधाओं को ना देखें बल्कि परिजनों के दुख को देखते हुए हम सभी सरकारी कर्मचारी आगे आएं और मृतकों के परिजन की जी जान से मदद करें।

आपको बता दें कि अंचलाधिकारी अरविंद कुमार ओझा खुद शारीरिक रूप से बीमार हैं। उनका एक किडनी पूरी तरह से खराब है। इसके बावजूद भी वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाते हुए लगातार आगे आ रहे हैं और लोगों की मदद कर रहे हैं, जो अपने आप में मानवता के लिए पेश कर रहा है।

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