मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सेना से मांगी मदद… सैन्य अधिकारियों संग बैठक…

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झारखंड में कोरोना की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। 22 अप्रैल से 29 तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लॉकडाउन की घोषणा की है। बुधवार को मुख्यमंत्री ने लॉकडाउन शुरू होने से ठीक पहले सेना से मदद मांगी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में कोरोना संक्रमण बढ़ रहे मामले को लेकर सैन्य अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। 

सेना के अस्पताल में चिकित्सा

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 की वजह से जिस तरह के हालात पैदा हो रहे हैं, उसमें सेना राज्य सरकार को सहयोग करे। उन्होंने कहा कि झारखंड मे सेना के जो अस्पताल हैं, वहां सामान्य मरीजों का भी इलाज हो सके, इस दिशा मे पहल हो। सेना और जनभागीदारी से ही कोरोना पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकते हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का कहना है कि सेना के अस्पताल में अगर कोरोना मरीजों के इलाज की अनुमति मिलती है तो राज्य सरकार वहां सारे संसाधन उपलब्ध करायेगी।

रक्षा मंत्रालय कर रहा विचार 

वहीं सेना के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके द्वारा प्रधानमंत्री को जो पत्र भेजा गया है, उसपर रक्षा मंत्रालय विचार कर रहा है। सेना के अस्पतालों और मानव बल का कोरोना मरीजों के इलाज में सहयोग लेने के सिलसिले में मंत्रालय द्वारा जो निर्देश मिलेगा, उसी के हिसाब से वे आगे की कार्रवाई करेंगे।

ऑक्सीजन की व्यवस्था

ऑक्सीजन की व्यवस्था अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि राज्य में सेना के दो अस्पताल झारखंड में है। इसमें एक रांची जिला के नामकुम और दूसरा रामगढ़ में है। रांची के सैन्य अस्पताल में कुल बेडों की संख्या लगभग चार सौ है। इसमें से दो सौ बेड कोविड मरीजों के लिए है। यहां अठारह ऑक्सीजन युक्त बेड और तीस बेड पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध कराने की पहल शुरू हो गई है। वहीं, रामगढ़ में 120 बेड का अस्पताल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि  अगर सेना अपने सैन्य अस्पताल में कुछ बेड सामान्य मरीजों के लिए उपलब्ध कराए तो सरकार की ओर से सभी बेडों पर ऑक्सीजन की व्यवस्था कराई जाएगी।