सीएम हेमंत सोरेन के वैक्सीन लगवाने पर विवाद… हुई राष्ट्रपति शासन की मांग…

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सीएम हेमंत सोरेन के कोविड-19 वैक्सीन लगवाने पर विवाद शुरू हो गया है।गोड्डा सांसद डॉ. निशिकांत दूबे ने ट्वीट कर हेमंत सोरेन पर नियमों को तोड़ने का आरोप लगाया है। निशिकांत दूबे ने अपने ट्वीट में सवाल उठाया कि अभी 45 साल की उम्र तक के लोगों को ही कोरोना से बचाव के लिए टीका लगाया जा रहा है और सीएम की उम्र 42 साल है, ऐसे में उन्होंने वैक्सीन कैसे लगवा ली। इसके साथ ही उन्होंने राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू करवाने की भी मांग की।

गोड्डा सांसद ने गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को टैग करते हुए ट्वीट किया कि, मुख्यमंत्री जी ने आज किस आधार पर कोरोना वैक्सीन लिया। इनकी उम्र 42 साल है और कानूनी तौर पर वैक्सीन नहीं ले सकते। एक मई से यदि वैक्सीन के लिए योग्य होंगे, वह भारत सरकार का नहीं राज्य सरकार का होगा। उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह को भी टैग किया है और कहा है कि अमित शाह जी यह राज्य राष्ट्रपति शासन लगाने के योग्य है।

आपको बता दें कि गुरुवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के सदर अस्पताल पहुंचकर कोविड 19 का टीका लगवाया। इस दौरान उन्होंने लोगों से भी कोविड-19 का टीका लगवाने की अपील की। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का ने भी कोविड-19 टीके की पहली डोज ली। सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव को टीकाकरण का प्रमाण पत्र सौंपा।