झारखंड पुलिस का खुलासा… रिश्वत के मामले में पुलिस सबसे आगे… 10 हिरासत मे…

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रांची, चोर चोर मौसेरे भाई, चोरी लूट, कालाबाजारी, और रिश्वत , के मामले में अगर साथ देने वाले ही रिश्वतखोर निकल आए तो जनता का क्या हाल हो सकता है! इन दिनों झारखंड में इसी तरह के हालात हैं । एक सर्वे के मुताबिक रिश्वत लेने वालों में पुलिस वाले ही सबसे आगे रहे हैं, झारखंड में रिश्वत लेने वालों में पुलिस सबसे आगे है। पुलिस के आंकड़े ही इसकी गवाही दे रहे हैं। राज्य में इस वर्ष अब तक रिश्वत लेने के मामले में 34 आरोपित गिरफ्तार किए गए, जिनमें 10 आरोपित पुलिस वाले ही निकले।

इनमें तीन दारोगा, छह जमादार व एक अग्निशमन विभाग, धनबाद के अफसर शामिल हैं। रिश्वत लेने वालों में दूसरे स्थान पर अंचल कार्यालय से जुड़े अधिकारी-कर्मी शामिल हैं। रिश्वत लेने से संबंधित अन्य गिरफ्तारियों की बात करें तो पंचायती राज विभाग, शिक्षा विभाग, भविष्य निधि (वित्त विभाग), विधि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग के पदाधिकारी-कर्मी शामिल हैं। एसीबी ने दो बीडीओ को भी इस अवधि में गिरफ्तार किया है। प्रमंडलवार गिरफ्तारी पर गौर करें तो रांची में पांच, चाईबासा में दो, पलामू में 12, धनबाद में सात, दुमका में तीन व हजारीबाग में पांच गिरफ्तारी हुई है।

पुलिस विभाग में हुई इनकी गिरफ्तारी जो रिश्वतखोरी मे लीन पाए गए हैं । मीरा सिंह (दारोगा, महिला थाना), इंद्र पासवान (जमादार, पलामू), उपेंद्र सिंह (जमादार, हजारीबाग), हरि प्रकाश मिश्रा (जमादार, धनबाद), रविंद्र राम (जमादार, नामकुम), केशव कुमार शर्मा (जमादार, टंडवा, चतरा), गणेश सिंह (दारोगा, चक्रधरपुर, पश्चिमी सिंहभूम), रंजीत कुमार झा (जमादार, डोमचांच, कोडरमा), मोहन कुमार सिंह (दारोगा, एमजीएम, जमशेदपुर), शैलेश सिंह (सब अधिकारी, अग्निशमन, धनबाद)।

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