झारखंड स्टेट बार काउंसिल का फैसला… 2 मई तक एडवोकेट नहीं करेंगे काम…

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कोरोना संक्रमण के बढ़ते आकड़ों को देखते हुए रविवार को झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने निर्णय लिया है कि 2 मई तक अधिवक्ता अदालती कार्य से दूरी बनाकर रखेंगे। काउंसिल ने कहा है कि अधिवक्ता केवल कोरोना से संबंधित मामले में भाग ले सकते है। राज्य में कोरोना संक्रमण जिस तरह से बढ़ रहा है और स्वास्थ्य की जो लचर स्थिति है इसे दिखते हुए स्टेट बार काउंसिल ने यह फैसला लिया है।

आपको बता दें कि जैसा कि झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने निर्देश दिया है तो राज्य के 38,000 अधिवक्ता ने पिछले 1 सप्ताह से अदालती कार्य से अपने को अलग रखा है। झारखंड हाई कोर्ट से लेकर राज्य के सभी सिविल कोर्ट और अन्य अदालत ट्रिब्यूनल में यह फॉलो किया जा रहा है। कोरोना की चेन को तोड़ने के लिए एकमात्र उपाय घर में रहें सुरक्षित रहें की तर्ज पर अधिवक्ता और कर्मचारी किसी भी प्रकार की अदालती कार्य में भाग नहीं लेंगे।

झारखंड स्टेट बार काउंसिल ने आपात बैठक कर 1 सप्ताह पहले सर्वसम्मति से निर्णय लिया। उसी निर्णय को आगे बढ़ाते हुए कहा है कि कोविड-19 के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए और राज्य में स्वास्थ्य की स्थिति दिनों दिन बदतर हो जाने, स्वास्थ्य सुविधा समय से उपलब्ध न होने, आवश्यक दवाओं की कमी होने के कारण अधिवक्ताओं को घर में रहकर सुरक्षित रहने के बिंदु पर यह फैसला लिया गया और स्टेट बार काउंसिल ने पत्र जारी कर सभी अधिवक्ताओं को 2 मई तक घर पर रहने का निर्देश जारी किया है। आगे फिर स्टेट बार काउंसिल कोविड-19 के संक्रमण की स्थिति को देखते हुए इस बिंदु पर विचार करेगी।

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