हाईटेक सिक्योरिटी से लैस किए जायेंगे झारखंड के झारखंड हाईकोर्ट, विधानसभा और राजभवन…

Share

रांची : झारखंड के हाई priority सरकारी भवनों को हाईटेक सिक्योरिटी के साथ में और अधिक सुरक्षित बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। झारखंड हाइकोर्ट, प्रोजेक्ट भवन, विधानसभा, राजभवन, पुलिस मुख्यालय और मुख्यमंत्री आवास की सुरक्षा उच्च कोटि की की जाएगी. सभी भवनों के प्रवेश द्वार पर High Tech Metal Detector लगाये जायेंगे. ये मेटल डिटेक्टर किसी की नजर में नहीं आयेंगे.

मौजूदा समय में उक्त स्थानों पर जो डोर मेटल डिटेक्टर (डीएफएमडी) ( dfmd ) लगाये गये हैं, वह दिखायी पड़ते हैं. इनकी ऊंचाई छीट और चौड़ाई तीन फीट होती है. बहुत से लोग इससे होकर गुजरने के बजाय बगल से निकल जाते हैं. ऐसे में उक्त स्थानों की सुरक्षा में खतरा उत्पन्न हो सकता है. इसी को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने उच्च तकनीक वाले मेटल डिटेक्टर लगाने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस प्रस्ताव को सरकार के पास भेज दिया गया है. वीवीआइपी सिक्यूरिटी के संदर्भ में पुलिस मुख्यालय ने डीआरडीओ (DRDO) (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन) से सुझाव मांगा है. डीआरडीओ को भेजे पत्र में पूछा गया है कि सरकार के प्रमुख भवनों और वीवीआइपी की सुरक्षा को लेकर किस तरह के सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए. गौरतलब है कि प्रमुख संस्थानों और वीवीआइपी सुरक्षा में अत्याधुनिक और उपयोगी उपकरणों का इस्तेमाल कैसे किया जाये, इस संबंध में डीआरडीओ संबंधित राज्यों को जानकारी उपलब्ध कराता है. उसी आधार पर राज्यों की ओर से संबंधित उपकरणों की खरीद समय-समय पर की जाती है.

अगर कोई व्यक्ति हथियार, बम, विस्फोटक व तय मात्रा से ज्यादा मात्रा में धातु लेकर इन जगहों पर प्रवेश करने की कोशिश करेगा, तो अदृश्य मेटल डिटेक्टर की जद में आयेगा. डिटेक्टर से आवाज निकलेगी. इससे वहां तैनात सुरक्षाकर्मी सतर्क हो जायेंगे और उस व्यक्ति की पड़ताल करेंगे. इसके अलावा कंट्रोल रूम में बैठा सुरक्षा पदाधिकारी भी सीसीटीवी कैमरे के जरिये उस व्यक्ति को देख सकेगा. वह भी अपने स्तर से मेटल डिटेक्टर के समीप तैनात सुरक्षाकर्मियों को निर्देश देने के साथ ही दूसरे सुरक्षाकर्मियों को भी तत्काल चौकस करेगा, ताकि सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी उक्त संदिग्ध गतिविधि वाले व्यक्ति के खिलाफ त्वरित कार्रवाई कर सके.

Facebook Comments Box