जेल से बाहर आएंगे लालू… दुमका ट्रेजरी केस में हाईकोर्ट से जमानत मिली…

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आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को आज झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। चारा घोटाला से जुड़े मामलों में एक साल से ज्यादा समय से जेल की सजा काट रहे लालू प्रसाद यादव को जस्टिस अपरेश सिंह की अदालत में हुई सुनवाई में उन्हें जमानत दे दी गई। लालू प्रसाद को एक लाख रुपए का मुचलका और 10 लाख रुपए जुर्माना देना होगा। बेल बॉन्ड भरने के बाद वे एक-दो दिन में जेल से बाहर आ जाएंगे।

देश से बाहर जाने की परमिशन नहीं

चारा घोटाले के मामले में दुमका कोषागार से 3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी के केस में हाईकोर्ट ने लालू यादव को जमानत दी है। हाईकोर्ट ने कहा है कि जमानत के दौरान लालू प्रसाद यादव देश से बाहर जाने से पहले उन्हें कोर्ट से परमिशन लेनी होगी। इसके साथ ही अपना मोबाइल नंबर और अपना पता नहीं बदलेंगे। लालू को ये जमानत दुमका ट्रेजरी मामले में आधी सजा पूरी होने के बाद दी गई है। इससे पहले लालू यादव को अक्टूबर 2020 में चाईबासा ट्रेजरी मामले में जमानत मिल गई थी, लेकिन दुमका ट्रेजरी केस की वजह से उनकी रिहाई नहीं हुई थी।

वर्चुअल सुनवाई

लालू के खिलाफ चारा घोटाले से जुड़े डोरंडा ट्रेजरी से निकासी के मामले की सुनवाई पूरी नहीं हुई है। उस मामले में फिलहाल बहस चल रही थी, लेकिन कोविड की वजह से फिलहाल CBI कोर्ट में सुनवाई पर रोक लगा दी गई है। आरजेडी प्रमुख के वकील देवर्षि मंडल के मुताबिक कोरोना संक्रमण की खबरों के बीच लालू के जमानत मामले की वर्चुअल सुनवाई होगी।

रिम्स से एम्स

लालू यादव फिलहाल एम्स दिल्ली में इलाज करवा रहे हैं। करीब ढाई साल रिम्स रांची में इलाज कराने के बाद जनवरी में उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। सीने में दर्द और सांस लेने में परेशानी के चलते उन्हें 23 जनवरी 2021 को रिम्स से एम्स रेफर किया गया था।

इन मामलों में लालू यादव को सुनाई गई है सजा

पहला मामला
चाईबासा ट्रेजरी केस
37.7 करोड़ रुपए अवैध निकासी का आरोप
लालू प्रसाद समेत 44 अभियुक्त
मामले में 5 साल की सजा दूसरा मामला
देवघर ट्रेजरी
84.53 लाख रुपए की अवैध निकासी का आरोप
लालू समेत 38 पर केस
लालू प्रसाद को साढ़े तीन साल की सजा तीसरा मामला
चाईबासा ट्रेजरी
33.67 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का आरोप
लालू प्रसाद समेत 56 आरोपी
5 साल की सजा चौथा मामला
दुमका ट्रेजरी
3.13 करोड़ रुपए की अवैध निकासी का मामला
दो अलग-अलग धाराओं में 7-7 साल की सजा